शाहरुख कुछ दिन पहले टंकी फीटिंग ठेकेदार रुस्तम निवासी मुजफ्फरनगर की कार लेकर आया। मंगलवार की सुबह नौ बजे वह घर से यह कह कर गया कि वह ठेकेदार की कार लौटाने जा रहा है। ठेकेदार रुस्तम उसे टटीरी के पास मिला। शाहरुख उसे कार देकर वापस चला गया, लेकिन देर रात तक भी घर नहीं लौटा। परिजनों ने ठेकेदार रुस्तम से बात की तो उसने बताया कि वह 12 बजे के लगभग उसे कार देकर चला गया। उसे नहीं पता कि वह कहां गया है। बुधवार की सुबह उसका शव राजबाहे में पड़ा मिला।
हत्या से पहले युवक को जमकर पीटा
पिता नानू ने बताया कि शाहरुख की हत्या करने से पहले उसकी बेरहमी से पिटाई की, क्योंकि उसका पूरे शरीर पर चोट के निशान हैं। उसको चमड़े की बेल्ट या फट्टे से पीटा है। पिटाई के बाद गले में फांसी का फंदा लगाकर मार दिया। उसके बेटे की किसी से कोई रंजिश नहीं है। वह तो सऊदी अरब में ट्रक चलाता था। दो साल बाद घर लौटा। उसके हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए।
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मृतक की बहन मामून खान ने बताया कि मंगलवार की शाम उसके फोन पर भाई शाहरुख के फोन से मैसेज आया कि अब मैं घर नहीं आऊंगा। मैं मुंबई घूमने के लिए जा रहा हूं। इसके बाद उसने भाई के मोबाइल पर कॉल की, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। उसने बताया कि उसके भाई पर मैसेज लिखना नहीं आता था। किसी दूसरे युवक ने गुमराह करने के लिए फोन पर मैसेज किया और मैसेज करने के बाद मोबाइल फोन मृतक की जेब में डाल दिया।
पिता करते है मजदूरी
मृतक शाहरुख नौ भाई-बहन है। इनमें वह दूसरे नंबर का है। उससे बड़ी एक बहन है। उसके पिता नानू जमीन ठेके पर लेकर खेती करते हैं और मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन पोषण कर रहे हैं। मृतक शाहरुख दो साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति को देखकर सऊदी अरब में रुपये कमाने के लिए चला गया था।
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