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यूपी: शिक्षिका और वार्डन में जमकर मारपीट, कई घंटे चला हंगामा

Sun, 01 Apr 2018 07:16 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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रोते हुए पुलिस को घटना की जानकारी देती वार्डन - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय धर्मनगरी में शिक्षिका और वार्डन में जमकर मारपीट हो गई। वार्डन ने अपने को कमरे में बंद कर दिया। काफी देर तक स्कूल में हंगामा होता रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर वार्डन को कमरे से बाहर निकाला। सूचना पर शिक्षा विभाग के अफसर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। 

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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय धर्मनगरी में रविवार को दोपहर करीब 12 बजे किसी बात को लेकर शिक्षिका कल्पना विश्नोई और वार्डन नीतू अग्रवाल में विवाद हो गया। विवाद बढ़ा तो दोनों में मारपीट शुरू हो गई। घटना की जानकारी शिक्षिका ने स्कूल में ही तैनात अपने लिपिक पति नितिन को दे दी। नितिन भी अपने परिजनों के साथ स्कूल पहुंच गया। इस डर से वार्डन ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। सूचना पर बेगावाला चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस ने वार्डन को कमरे से बाहर निकलवाया।

उधर, शिक्षिका का आरोप था कि वह बालिकाओं का हाल लेने स्कूल आई थी। इस पर वार्डन ने उसे बुरा भला कहा। दूसरी तरफ, वार्डन का आरोप था कि स्कूल में कई बालिका बीमार है। उनमें तीन को चिकनपॉक्स है। उन्हें अलग रखा गया है। शिक्षिका गलत इरादे के साथ स्कूल आई थी। मौके पर पहुंची पुलिस को वार्डन ने घटना की जानकारी दी तथा वार्डन का रो-रो कर बुरा हाल है। दोपहर करीब दो बजे बीएसए महेश चंद्र और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा उमा पाल स्कूल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। उधर, थाना प्रभारी फतह सिंह के मुताबिक स्कूल में मारपीट होने की उन्हें जानकारी मिली है। इस मामले में जांच कराई जा रही है। 
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विवादों के घेरे में लिपिक व उसकी शिक्षिका पत्नी
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय धर्मनगरी में लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विद्यालय में तैनात लिपिक नितिन कुमार और शिक्षिका कल्पना विश्नोई विवादों के लिए चर्चा में है। अक्टूबर 2017 को इन दोनों का विवाद स्कूल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार के साथ भी हुआ था। विभाग के अधिकारियों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की पर बात नहीं बनी। 16 दिसंबर 2017 को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजकुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। पूर्व में तैनात वार्डन कुमकुम के साथ भी लिपिक और शिक्षिका का विवाद रहा था। मामला शांत नहीं होने पर वार्डन कुमकुम नौकरी छोड़ कर चली गई।

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फरवरी में नियुक्त हुई वार्डन 

फाइल फोटो
स्कूल में तैनात वार्डन की नियुक्ति फरवरी में ही की गई है। दो महीने के भीतर ही स्कूल में विवाद फिर से शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में बालिकाओं को अच्छी शिक्षा देने के बजाय गलत असर पड़ रहा है। स्कूल में शिक्षा का माहौल नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर आए दिन लीपापोती कर मामले को शांत करते रहे हैं। ग्राम प्रधान क्रांति देवी के पुत्र महेंद्र सिंह, रोहित और राजकली का कहना है कि जो भी स्कूल में चल रहा है, वह गलत है। ऐसे माहौल में बालिकाओं को पढ़ाना सही नहीं है। 

जांच पर कार्रवाई होती तो न होती घटना 
अक्टूबर 2017 में हुए विवाद की जांच बीईओ अजय कुमार को सौंपी गई थी। बीईओ ने मामले की जांच कर रिपोर्ट बीएसए को सौंपी थी। बताया जाता है कि जांच में लिपिक और उसकी शिक्षिका पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था। पहले ही कार्रवाई की गई होती तो दोबारा से मारपीट की नौबत न आती। 

चार सदस्य टीम करेगी जांच: बीएसए 
बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि स्कूल में मारपीट का का मामला उनके संज्ञान में आ गया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्य टीम गठित कर दी गई है। तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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