स्कूल में तैनात वार्डन की नियुक्ति फरवरी में ही की गई है। दो महीने के भीतर ही स्कूल में विवाद फिर से शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में बालिकाओं को अच्छी शिक्षा देने के बजाय गलत असर पड़ रहा है। स्कूल में शिक्षा का माहौल नहीं है। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर आए दिन लीपापोती कर मामले को शांत करते रहे हैं। ग्राम प्रधान क्रांति देवी के पुत्र महेंद्र सिंह, रोहित और राजकली का कहना है कि जो भी स्कूल में चल रहा है, वह गलत है। ऐसे माहौल में बालिकाओं को पढ़ाना सही नहीं है।
जांच पर कार्रवाई होती तो न होती घटना
अक्टूबर 2017 में हुए विवाद की जांच बीईओ अजय कुमार को सौंपी गई थी। बीईओ ने मामले की जांच कर रिपोर्ट बीएसए को सौंपी थी। बताया जाता है कि जांच में लिपिक और उसकी शिक्षिका पत्नी के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था। पहले ही कार्रवाई की गई होती तो दोबारा से मारपीट की नौबत न आती।
चार सदस्य टीम करेगी जांच: बीएसए
बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि स्कूल में मारपीट का का मामला उनके संज्ञान में आ गया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए चार सदस्य टीम गठित कर दी गई है। तीन दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/