हथियार रखने के शौकीन लोगों को अब एक-एक कारतूस का हिसाब देना होगा। पुलिस स्वयं घर जाकर कारतूसों की जांच करेगी। यदि एक भी कारतूस का हिसाब गड़बड़ाया, तो लेने के देने पड़ सकते हैं।
अपर जिलाधिकारी नगर ने अपने कार्यालय में शस्त्र विक्रेताओं की बैठक में इस बाबत जरूरी दिशा निर्देश भी दिए। अपर जिलाधिकारी नगर मुकेश चंद्र ने शस्त्र और कारतूस विक्रेताओं को निर्देश दिए कि वे अपनी दुकानों पर शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए ही कारतूस बेचें। प्रतिदिन की कारतूस बिक्री का डाटा शस्त्र अनुभाग में रोज उपलब्ध कराया जाए।