शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम
विवेक राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की घोषणा होने से जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बढ़ाया है। विश्वविद्यालय खुलने से युवाओं, शिक्षाविदों समेत जन सामान्य को फायदा मिलेगा। रुहेलखंड विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन रुटा के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार ने फैसले को विद्यार्थियों के हित में बताते हुए सराहा है। वर्धमान कॉलेज बिजनौर के पूर्व छात्र नेता नृपेंद्र देशवाल ने बिजनौर में विश्वविद्यालय खोले जाने को छात्र हित का फैसला बताया है।
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ये होंगे फायदे
1- विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार नये कोर्स खुल सकेंगे।
2- स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार नये पाठ्यक्रमों के खुलने से रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।
3- बिजनौर शिक्षा का हब बनेगा।
4- विद्यार्थियों का उच्च स्तरीय कोर्स की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों की ओर पलायन नहीं होगा।
5- कम समय में पढ़ाई की अधिक अवसर मिलेंगे।
6- जिले के विद्यार्थी नये नये व्यवसायिक कोर्स पढ़ेंगे। जिससे जिले में ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
7- विश्वविद्यालय बनने से नये शिक्षकों को नौकरी मिलने के अधिक अवसर उपलब्ध रहेंगे।
8- विश्वविद्यालय बनने से स्थानीय लोगों का व्यवसाय बढ़ेगा। आय बढ़ेगी तो खुशहाली आएगी।
9- जिले के शिक्षाविदों के सुझाव विद्यार्थियों को मिलेंगे।
10- ग्रामीण बालिकाएं आसानी से नये कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि चार निजी विश्विद्यालय को आशय पत्र जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसमें टीएस मिश्रा विश्विद्यालय लखनऊ भी शामिल है। वरुण अर्जुन विश्विद्यालय शाहजहांपुर, फारुख हुसैन विश्विद्यालय आगरा और विवेक राष्ट्रीय विश्विद्यालय बिजनौर के लिए भी आशय पत्र जारी किया गया है।