शामली की ऊन तहसील में कार्यरत लेखपाल की ड्यूटी के दौरान हालत बिगड़ गई। आनन फानन में लेखपाल को शामली के अस्पताल लाया गया। वहां से मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बीमारी के कारण लेखपाल की मौत हुई है। इसी कारण बगैर पोस्टमार्टम के लेखपाल का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पढ़ें : यूपी: 11 साल के बच्चे ने पुलिस से कहा- पापा बहुत बुरे हैं, मम्मी को मार डाला
मूलरूप से कैराना क्षेत्र के गांव तितरवाड़ा निवासी रामकुमार शर्मा (52) फिलहाल अपने परिवार सहित शामली के मोहल्ला काकानगर में रहते थे और ऊन तहसील में लेखपाल के रूप में कार्यरत थे। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे ऊन तहसील परिसर के कमरे में उनकी हालत बिगड़ गई और उल्टियां होने लगीं। तहसील परिसर में ही धरने पर बैठे लेखपालों को इसकी जानकारी हुई, तो वह मौके पर पहुंचे। इसके बाद रामकुमार शर्मा को शामली के निजी अस्पताल में ले जाया गया। वहां से गंभीर हालत के चलते उन्हें मेरठ रेफर कर दिया, लेकिन मेरठ ले जाते समय रास्ते में ही रामकुमार ने दम तोड़ दिया। उधर, चर्चा रही कि लेखपाल ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है, लेकिन ऊन तहसीलदार चंद्रकांता का कहना है कि लेखपाल रामकुमार की मौत बीमारी के कारण अचानक तबीयत खराब होने की वजह से हुई। परिजनों और लेखपालों ने भी पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, जिस कारण शव परिजनों को सौंप दिया गया। पैतृक गांव तितरवाड़ा ले जाकर उनका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, अपर जिलाधिकारी केबी सिंह का कहना है कि बीमारी के कारण सामान्य मौत होने की वजह से शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/