सरहद पर देशवासियों की रक्षा के लिए तैनात सैनिकों की हत्या से आहत सरवट के 13 परिवारों ने ईद की खुशियां नहीं मनाई। इन परिवारों ने पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकत पर विरोध जताया। इनका कहना है कि जब देशवासियों की रक्षा करने वाले सैनिक ही सुरक्षित नहीं है, तो हमारे लिए ईद की खुशियां किस काम की है।
इन परिवारों में बड़ों के साथ बच्चों ने भी ईद की खुशियां नहीं मनाई है। इन परिवारों ने केंद्र की मोदी सरकार से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शनिवार को ईद पर सरवट पीर वाली गली के मोहल्ले के 13 परिवार ऐसे हैं, जिन्होंने ईद की खुशियां नहीं मनाई।
इन परिवार के लोगों ने सुबह ईद की नमाज अदा की। इसके बाद घर आकर ईद की खुशी नहीं मनाई। यदि कोई घर पर ईद की मुबारकबाद देने आया तो उसे ईद की मुबारकबाद जरूर दी। ईद की खुशियां नहीं मनाने वालों में प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॉ तारिक सलीम, डॉ. एम सलीम, डॉ सारा तारिक, नईम अहमद, मोहसीन, साकिब, हाजी शरीफ आदि परिवार शामिल रहे। इन परिवारों ने बताया कि सीमा पर हमारे सैनिक सुरक्षित नहीं है। कश्मीर घाटी में अवकाश लेकर ईद मनाने जा रहे सिपाही औरंगजेब की पाक आतंकियों ने हत्या कर उसका वीडियो वायरल किया। शनिवार को ईद के दिन जवान बिकास गुरंग की आतंकियों द्वारा कायरतापूर्ण हत्या करने से उन्होंने ईद की खुशियां नहीं मनाने का निर्णय लिया।
डॉ. तारिक सलीम का कहना है कि जब हमारी रक्षा करने वाले सैनिक ही सुरक्षित नहीं है तो हमारे लिए ईद की खुशियां किस काम है। उन्होंने बताया कि हमने बच्चों को अपने निर्णय से अवगत कराया तो बच्चों ने भी परिजनों का साथ दिया और बच्चों ने भी ईद की खुशियां नहीं मनाई है।
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