जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की तारीख घोषित करते हुए जिलाधिकारी ने बुधवार को नोटिस जारी कर दिया। अब 25 अप्रैल को फैसला होगा कि वह कुर्सी बचाने में कामयाब हो पाती हैं या नहीं। वहीं, सीमा प्रधान की राह लगातार मुश्किल होती जा रही है। पांच अन्य जिला पंचायत सदस्यों द्वारा उन पर अविश्वास जताने से असंतुष्ट सदस्यों की संख्या अब 24 हो गई है।
सोमवार को जिला पंचायत बोर्ड के 19 सदस्यों ने डीएम बी. चंद्रकला को सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास जताते हुए शपथपत्र सौंपे थे। साथ ही अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की मांग की थी। डीएम ने यह रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। बुधवार को डीएम को जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ प्राप्त अविश्वास प्रस्ताव पर शासन से निर्देश प्राप्त हुआ। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर बैठक और मतदान के लिए 25 अप्रैल की तारीख तय की गई है।
दो बार में दूर हुए आठ अपने
सीमा प्रधान के खिलाफ अविश्वास की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है। बुधवार को वार्ड-32 से सदस्य मुन्ना गिरि, वार्ड-12 से अंजू तालियान, वार्ड-17 से अनिता, वार्ड-19 से शफीक और वार्ड-20 से तनु गुर्जर ने भी अविश्वास की मांग करते हुए एडीएम सिटी मुकेश चंद्र को शपथ पत्र सौंप दिए। खास बात यह है कि इनमें आठ सदस्य अब वो शामिल हो चुके हैं, जिन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सीमा प्रधान के पक्ष में वोट किया था।
काम न आईं कोशिशें
डैमेंज कंट्रोल की कोशिश में जुटीं सीमा प्रधान ने नौचंदी मेला कमेटी में दस जिला पंचायत सदस्यों को शामिल किया था। तब माना जा रहा था कि ये 10 सदस्य पूरी मजबूती के साथ उनके साथ रहेंगे। लेकिन इनमें से चार सदस्य उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग करते हुए शपथ पत्र दे चुके हैं।
28 पहुंच सकती है संख्या
सत्ता परिवर्तन के साथ ही सदस्यों की आस्था भी तेजी से बदल रही है। सीमा प्रधान को निर्वाचित कराने में 18 सदस्यों का समर्थन प्राप्त हुआ था। लेकिन, करीब सवा साल में इन 18 सदस्यों को भी सीमा प्रधान अपने पक्ष में नहीं रख पाईं। इस समय उनके खिलाफ 24 सदस्य शपथपत्र दे चुके हैं। जिला पंचायत सदस्य कुलविंदर सिंह का दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव की बैठक में 28 सदस्य अविश्वास मत का समर्थन कर सकते हैं।