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चाचा ने इकलौते भतीजे को पीट-पीटकर मार डाला, ये रही हत्या की वजह

Tue, 16 Jan 2018 12:00 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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भतीजे की हत्या - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के बिजनौर में एक ऐसा दर्दनाक मामला सामने आया जिसे जानकर आप भी हिल जाएंगे। गांव बमनौली मंडय्यो में जमीन की रंजिश में चाचा ने अपने इकलौते भतीजे की चारपाई के सेरवे से पीट-पीटकर हत्या कर दी और फरार हो गया। आरोपी अपने पिता पर जमीन बेचने के लिए दबाव बना रहा था। जमीन नहीं बेचने पर उसने भतीजे को ही मार डाला। आरोपी के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 

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पुलिस के मुताबिक गांव बमनौली मंडय्यो निवासी अतर सिंह के दो पुत्र छतरपाल और अनिल हैं। छतरपाल पिछले 10 साल से लापता है। उसका इकलौता पुत्र 12 साल का अर्चित था। अतर सिंह के नाम 22 बीघा जमीन है। अनिल अपने पिता पर जमीन को बेचकर रुपये उसे देने के लिए दबाव बना रहा था। पिता इस बात के लिए तैयार नहीं था। पिता कहता था कि अगर जमीन बेच दी तो अर्चित का क्या होगा। अनिल ने पिता को धमकी दी थी कि जब अर्चित ही नहीं रहेगा तब तो वह जमीन बेचेगा। रविवार सुबह अर्चित अपने मामा पवन के साथ घर के बाहर बैठा था। चाचा अनिल उर्फ नन्हे अर्चित को बुलाकर अपने कमरे में ले गया और चारपाई के सेरवे से सिर पर ताबड़तोड़ वार करके उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया।

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लहूलुहान मृत अवस्था में पड़ा था अर्चित

मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
मामा पवन और मां रिंकी दौड़कर कमरे में गए, वहां देखा तो अर्चित लहूलुहान मृत अवस्था में पड़ा था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। अर्चित बसेड़ी के एक स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। अर्चित की मां रिंकी ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। चांदपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र गौतम के मुताबिक अनिल कई दिनों से अपने पिता अतर सिंह पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। जमीन के रास्ते से हटाने के लिए उसने अर्चित को ही मार डाला। पुलिस आरोपी अनिल की तलाश में जुटी है। अनिल शराब पीने का आदि है।
 
बुझा दिया जिंदगी का इकलौता चिराग
अर्चित की हत्या के बाद उसकी मां रिंकी का पूरा घर ही उजड़ गया। दस साल पहले छतरपाल के गायब होने पर रिंकी अर्चित के सहारे ही जिंदगी काट रही थी। उसकी जिंदगी का अकेला सहारा अर्चित ही था। अर्चित को लेकर रिंकी कई ख्वाब देखा करती थी। पर अर्चित के चाचा ने उसकी जान लेकर रिंकी के घर का चिराग बुझा दिया। पति के बाद अब बेटे को खोने के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल है।

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