मामा पवन और मां रिंकी दौड़कर कमरे में गए, वहां देखा तो अर्चित लहूलुहान मृत अवस्था में पड़ा था। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। अर्चित बसेड़ी के एक स्कूल में कक्षा छह का छात्र था। अर्चित की मां रिंकी ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी है। चांदपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र गौतम के मुताबिक अनिल कई दिनों से अपने पिता अतर सिंह पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। जमीन के रास्ते से हटाने के लिए उसने अर्चित को ही मार डाला। पुलिस आरोपी अनिल की तलाश में जुटी है। अनिल शराब पीने का आदि है।
बुझा दिया जिंदगी का इकलौता चिराग
अर्चित की हत्या के बाद उसकी मां रिंकी का पूरा घर ही उजड़ गया। दस साल पहले छतरपाल के गायब होने पर रिंकी अर्चित के सहारे ही जिंदगी काट रही थी। उसकी जिंदगी का अकेला सहारा अर्चित ही था। अर्चित को लेकर रिंकी कई ख्वाब देखा करती थी। पर अर्चित के चाचा ने उसकी जान लेकर रिंकी के घर का चिराग बुझा दिया। पति के बाद अब बेटे को खोने के बाद उसका रो-रोकर बुरा हाल है।
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