केंद्र सरकार द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को खत्म किए जाने की कोशिशों को लेकर यूनिवर्सिटी की हिमायत में खड़े हुए देवबंदी उलमा अब वहां मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो मिलने से खासे नाराज हो गए हैं।
उलमा ने दो टूक कहा कि मुल्क के बंटवारे को पसंद करने वाले जिन्ना की फोटो लगाना सरासर गलत है। जो लोग इस काम को कर रहे हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संघ हॉल में मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो लगी हुई मिलने के मुद्दे पर देवबंदी उलमा ने सख्त नाराजगी का इजहार किया है।
दारुल उलूम अशरफिया के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती अथर कासमी (नूनाबड़ी) का कहना है कि जिन लोगों ने वहां जिन्ना की फोटो लगाई है। उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ये काम यूनिवर्सिटी और मुसलमानों को बदनाम करने की एक नाकाम कोशिश है।
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मुल्क का मुसलमान अपने देश से बहुत प्यार करता है वो यहीं पैदा हुआ है और यहीं की मिट्टी में दफन भी होगा। मुफ्ती अथर कासमी ने कहा कि एएमयू में मोहम्मद अली जिन्ना की फोटो मिलना बहुत ही गलत है और जिन्होंने ऐसा किया है वो यूनिवर्सिटी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
मोहम्मद अली जिन्ना ने जिस वक्त मुल्क के बंटवारे को पसंद किया और इसकी तकसीम कराई उस वक्त जमीयत उलमा-ए-हिंद और हमारे उलमा ने इसको नापसंद करते हुए कहा था कि इस मुल्क की मोहब्बत हमारी रग-रग में बसी हुई है।
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