विशेष सीबीआई जज बीएच लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के कोषाध्यक्ष मौलाना हसीब सिद्दीकी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जांच से इंकार करके बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं।
शुक्रवार को जारी बयान में मौलाना हसीब सिद्दीकी ने कहा कि जज लोया के साथ उनके दो साथियों की भी मौत हुई है। उनकी मौत को शक के दायरे में रखकर विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी इस मामले की जांच कराने की मांग की थी। लेकिन अदालत ने जांच की मांग को नजर अंदाज करके सबको हैरत में डाल दिया है।
उन्होंने कहा कि अदालत ने जज लोया की मौत की जांच कराने से इंकार करके बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं। जिससे राजनीतिक दलों के अलावा जनता में सख्त नाराजगी पैदा हुई है। कहा कि जजों ने इस विवादास्पद मौत पर जो दलील पेश की है उसकी जरूरत नहीं थी। उन्होंने मामले को दूसरा रुख देकर याचिकाकर्ताओं की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सिद्दीकी ने कहा कि जस्टिस लोया की मौत शुरु से ही शक के दायरे में है, लेकिन अदालत ने जांच की मांग को ठुकराते हुए नये नये सवाल पैदा कर दिए हैं। साथ ही कहा कि अगर इस मुल्क में सीबीआई के एक जज को इंसाफ नहीं मिल सकता तो सीबीआई जनता को इंसाफ कैसे दिला सकती है।
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