मुस्लिमों पर नहीं होगी लागू
समान नागरिक संहिता मुस्लिमों पर लागू ही नहीं होगी। हिंदुस्तान में सभी धर्म के लोगों को अपने-अपने तरीके से जीने को अधिकार संविधान देता है। जनसंख्या नियंत्रण मुद्दे में तो इंदिरा गांधी भी कामयाब नहीं हुई थी। जनता ने पूरी तरह नकार दिया था। दोनों मुद्दे पूरी तरह इस्लाम के खिलाफ हैं। इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। -कारी शफीकुर्रहमान कासमी
सरकार को विचार करना चाहिए
दोनों मुद्दों को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार को विचार करना चाहिए। संविधान सभी धर्म के लोगों को समान जीने का अधिकार देता है। संविधान के खिलाफ कोई भी कानून लाने से पहले सभी धर्मों के गुरुओं व उलमाओं से मशवरा जरूर करना चाहिए। - मौलाना मशहूदुर्रहमान शाहीन जमाली चतुर्वेदी, प्रधानाचार्य मदरसा इमदादुल इस्लाम
मजहबी कानून में बदलाव संभव नहीं
समान नागरिक संहिता व दो बच्चों का कानून दोनों मामले इस्लामिक तौर पर गलत हैं, मुस्लिमों में शादी करने का अलग तरीका है और हिंदू धर्म में अलग। सभी धर्मों में लोगों को जीने के अधिकार दिए गए हैं। ऐसे में मजहबी कानून में बदलाव संभव नहीं है। दोनों मामलों को लागू करने से पहले सरकार को विचार करना चाहिए। -कारी सलमान कासमी, जमीयत उलमा ए हिंद मंत्री मेरठ इकाई