पुलिस सुरक्षा में मनोरोग विभाग में होगी काउंसलिंग, गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। प्रियंका विश्वास (33) की मौत के बाद उसके शव के साथ रहने वाले पिता उदयभानु विश्वास (76) को शुक्रवार दस दिन के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कर लिया गया। यहां पुलिस सुरक्षा में मानसिक परीक्षण होगा। उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी और काउंसलिंग की जाएगी। मनोचिकित्सकों की रिपोर्ट के बाद ही इस केस में यह तय होगा कि इस केस में उदयभानु के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं।
सदर बाजार थाना क्षेत्र के तेली मोहल्ला स्थित माध्यमिक शिक्षा परिषद से सेवानिवृत्त लिपिक उदयभानु विश्वास के घर से घर से 10 अप्रैल की रात उनकी बेटी का शव (कंकाल) बरामद किया गया था। जांच की गई तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उदयभानु ने बताया कि उसकी बेटी प्रियंका पीलिया (जॉन्डिस) से पीड़ित थी। उसने बेटी काे झाड़-फूंक करने वाले शकील को कई बार दिखाया था। पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में पता चला है कि 26 नवंबर के आसपास प्रियंका की मौत हुई है। पांच दिन उदयभानु शव के साथ रहा और फिर हरिद्वार चला गया। कुछ दिन हरिद्वार में रहने के बाद उदयभानु मेरठ आया और फिर से बेटी के शव के साथ घर में रहा। इसके बाद वह पांच दिसंबर को दोबारा हरिद्वार गया था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले परिजनों ने उसे जाते हुए देखा था। इसके बाद भी उदयभानु मेरठ आया था और बेटी के शव के साथ रहा था। सीओ कैंट एएसपी नवीना शुक्ला का कहना है कि मनोरोग विभाग की काउंसलिंग रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में आगे कार्रवाई की जाएगी।
प्रियंका के दांत से होगा डीएनए टेस्ट
चार-पांच माह तक शव घर में रहने के कारण उसके अंग नष्ट हो गए थे। इसके चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया। यहां तक कि यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया कि शव प्रियंका ही था। इसकी पुष्टि के लिए पुलिस ने प्रियंका के जबड़े से दांत और उदयभानु के रक्त का नमूना डीएनए टेस्ट के लिए फोरेंसिक लैब भेजा है। हालांकि अब तक की जांच के हिसाब से पुलिस बीमारी से ही प्रियंका की मौत मानकर चल रही है।
तनाव से मुक्ति की दवा लेती थी प्रियंका
पुलिस का कहना है कि उदयभानु के घर से जो न्यूरोलॉजिस्ट का पर्चा मिला है। उसमें लिखी दवाओें से पता चला है कि प्रियंका तनाव दूर करने की दवा लेती थी। हालांकि उसे किस बात का तनाव था। इसकी सही जानकारी नहीं है लेकिन पुलिस का कहना है कि मां की मृत्यु के बाद प्रियंका और उसके पिता उदयभानु काफी परेशान रहने लगे थे
व्यवहार और रहन-सहन की निगरानी शुरू
उदयभानु को मनोरोग विभाग में दस दिन के लिए भर्ती किया गया है। सबसे पहले उनका मानसिक परीक्षण होगा। उनके व्यवहार और रहन-सहन की निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके बाद उनसे सवाल जवाब होंगे और काउंसलिंग होगी। इसके बाद ही ही उनकी मनोस्थिति का सही आकलन होगा।
डॉ. तरुण पाल, प्रभारी मनोरोग विभाग, एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज
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