जानीखुर्द। गंगनहर पटरी के चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर मंगलवार रात ईद पर सुसराल जा रहे बाइक सवार दो युवकों फारूख (30) निवासी दनकौर और नदीम (25) निवासी बुलंदशहर की सड़क हादसे में मौत हो गई। पटरी मार्ग पर अज्ञात वाहन उन्हें टक्कर मारकर भाग गया। दोनों दामाद की मौत से ससुराल में भी ईद की खुशियां गम में बदल गई। परिजन बगैर किसी काननूी कार्यवाही के शव अपने साथ ले गए।
गौतमबुद्धनगर नोएडा के कसबा दनकौर निवासी फारूख और बुलंदशहर के गांव बदरखा निवासी नदीम का निकाह यहां कस्बा सिवाल खास निवासी इमरान की बेटियों से हुआ है। मंगलवार की रात फारूख और नदीम एक ही बाइक पर सवार होकर अपनी सुसराल सिवालखास ईद पर मिलने के लिए जा रहे थे। गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग पर गांव मुज्जकीपुर के पास किसी वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में फारूख और नदीम गम्भीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों द्वारा दुर्घटना की जानकारी मिलने पर जानी पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डाॅक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने मृतकों के पास से मिले कागजों के आधार पर शिनाख्त कर उनके परिजनों को सूचना दी। परिजन और सुसराल पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों मृतकों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों ने मृतकों का पोस्टमार्टम करवाने से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव उनके परिजनों को सौंप दिए। परिजन दोनों के शवों को अपने-अपने घर ले गए।
ससुराल में भी मातम पसरा, ससुर की हालत बिगड़ी
कस्बा सिवाल खास निवासी इमरान की बड़ी बेटी निहा का विवाह फारूख के साथ चार वर्ष पूर्व हुआ था। फारूख के तीन बच्चे हैं। फारूख फल बेचने का काम करता था। मृतक नदीम का विवाह आठ माह पूर्व इमरान की तीसरी बेटी निमिषा से हुआ है। नदीम भी फल बेचने का काम करता था। नदीम की पत्नी निमिषा पांच माह की गर्भवती है। दुर्घटना की जानकारी मिलने पर मृतकों के ससुर इमरान की हालत खराब हो गई। उपचार के लिए इमरान को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
मृतकों के साले सिवाल खास निवासी रिहान ने बताया की उसके दोनों ही जीजा बहुत अच्छे और खुश मिजाज थे। कस्बा सिवाल खास निवासी इमरान के पांच बेटी और एक पुत्र रिहान है। इमरान की तीन बेटियों का विवाह हो चुका है। दुर्घटना की सूचना के बाद से इमरान का रोकर बुरा हाल है। इमरान के दो दामाद की मौत की जानकारी पर परिवार में ईद की खुशियां मातम में बदल गई। वहीं, लोगों का तांता अपनी शोक संवेदना प्रकट करने के लिए इमरान के घर लग गया। हर किसी की जुबान पर था कि ऐसा दुख किसी को भी ऊपर वाला न दें।