एसटीएफ की गिरफत में उधम सिंह के शूटर
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एसटीएफ ने कुख्यात ऊधमसिंह के दो शूटरों को मेरठ कचहरी से गिरफ्तार कर लिया। दोनों शूटर जेल में बंद योगेश भदौड़ा और उसकी पत्नी सुमन भदौड़ा की हत्या करने आए थे। शूटरों के तीन साथी मौके से फरार हो गए।
कुख्यात योगेश भदौड़ा और ऊधमसिंह करनावल के बीच खूनी रंजिश चल रही है। इसी रंजिश में दोनों पक्षों के करीब 25 लोगों की हत्या हो चुकी है। तीन साल पहले भरी कचहरी में नितिन गंजा की हत्या हो गई थी। उसी मामले में दो सप्ताह पहले योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन जेल गई थी। योगेश भदौड़ा सिद्धार्थनगर जेल में बंद है। बुधवार को योगेश और सुमन को नितिन गंजा की हत्या के मामले में मेरठ कचहरी में पेश होना था। दंपति की हत्या करने के लिए लखनऊ जेल में बंद ऊधमसिंह ने अपने पांच शूटर मेरठ कचहरी में लगा दिए।
मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक ने सीओ मेरठ अनित कुमार, इंस्पेक्टर धर्मेंद्र यादव और उनकी टीम को कचहरी में लगाया। मेरठ एसटीएफ टीम ने घेराबंदी कर ऊधमसिंह के दो शूटर अमित उर्फ अर्जुन पुत्र लोकेंद्र सिंह निवासी किवाना कांधला शामली और सोहनवीर उर्फ सोनू उर्फ भंडारी पुत्र जगवीर सिंह निवासी करनावल सरूरपुर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में आरोपियों से दो पिस्टल, 21 कारतूस, एक बाइक और चार मोबाइल बरामद हुए। जबकि तीन आरोपी नियामत, ईमान और बाबर निवासी जली कोठी देहली गेट फरार हो गए। पुलिस ने तीनों की तलाश में दबिश दी, लेकिन देर रात तक तीनों का सुराग नहीं लग सका था।
एक लाख में दी थी सुपारी
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ऊधम सिंह ने योगेश भदौड़ा और उसकी पत्नी को मारने के लिए एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। साजिश करने में ऊधम की पत्नी गीतांजलि भी शामिल है। परतापुर बाईपास स्थित एक हॉस्टल के कमरे में उनकी मीटिंग हुई थी। हॉस्टल एक महिला चलाती है, जोकि ऊधमसिंह से फोन पर बातचीत करती है। नियामत, ईमान और बाबर भी लगातार ऊधमसिंह के संपर्क में हैं।