एसओ परीक्षितगढ़ रितेश कुमार ने बताया कि एक महीने पहले मेडिकल पुलिस ने आरोपी आस मोहम्मद के चचेरे भाई फकरुद्दीन के पैर में मुठभेड़ के दौरान गोली मारी थी। वह भी हथियार बनाने का काम करता था। मुठभेड़ के दौरान फकरुद्दीन के पास से कई तमंचे बरामद हुए थे।
मैं तो सप्लाई करता हूं
पूछताछ में आशु ने बताया कि तमंचे उसका जीजा आस मोहम्मद बनाता है। उनके परिवार के कई लोग तमंचा बनाने में माहिर हैं। वह तो सिर्फ सप्लाई करता है। रविवार को वह बीस तमंचे लेने आया था। दस तमंचे तैयार थे, बाकी रात में तैयार कराए जा रहे थे। जिसके चलते उसको वहां पर रुकना पड़ा।
तहखाना बनाया हुआ था
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने घर में तहखाना बना रखा था, जहां तमंचे बनाने का काम होता था। पिछले कई सालों से यह धंधा चल रहा था। पुलिस का दावा है कि सटीक मुखबिरी नहीं होती तो फैक्ट्री को पकड़ना आसान नहीं होता। पुलिस अकेले घर जाती तो शायद तहखाना नहीं मिलता।
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