यूपी के चंदौसी में हत्या के तीन आरोपियों को छुड़ाने के दौरान बदमाशों से मुठभेड़ में मारे गए दो पुलिसकर्मी बिजनौर जिले के रहने वाले थे। दोनों के परिजनों में इस घटना से कोहराम मचा हुआ है।
कोतवाली देहात थाने के गांव चंदपुरा निवासी चौधरी शिवचरण का पुत्र हरेंद्र सिंह सिरोही संभल जिले के चंदौसी थाने में तैनात थे। डेढ़ साल बाद वे सेवानिवृत्त होने वाले थे। बदमाशों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हरेंद्र सिरोही का 26 साल का बेटा अतुल, बेटी पूजा व अंजलि हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। बेटी पूजा चंडीगढ़ और अंजलि नोएडा में रहती है। हरेंद्र सिंह पांच भाई थे। सबसे छोटा भाई जितेंद्र ही अब बचा है। बाकी सभी भाइयों की मौत हो चुकी है। हरेंद्र सिंह ने मुरादाबाद की विवेकानंद कॉलोनी में मकान बना रखा है। परिवार के साथ वे वहीं रहते थे। गांव के हर व्यक्ति को हरेंद्र सिरोही के मुठभेड़ में मारे जाने का बेहद दुख है। गांव वालों का कहना है कि वह जब भी छुट्टी में गांव आते थे तो सबसे मिलते थे।
वहीं नांगल थाने के गांव तिसोतरा निवासी कोमल सिंह के पुत्र बृजपाल सिंह को पिता की मौत के बाद उनकी जगह नौकरी मिली थी। बृजपाल सिंह को आठ साल पहले नौकरी मिली थी। बृजपाल सिंह मुरादाबाद में मकान बनाकर रहते थे। गांव में केवल उसके ताऊ अतर सिंह व चाचा मेम सिंह का परिवार रहता है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना का पता चलने पर ताऊ व चाचा के घर पर इकट्ठा हैं।
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