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डंपर से कुचलकर स्कूटी सवार ससुर-बहू की मौत, पुलिस की लापरवाही से हुआ हादसा

Sat, 19 May 2018 09:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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शाहजहांपुर चौकी के पास सिपाही के डंडा मारने पर चालक ने अचानक डंपर को पीछे हटाया उसकी टक्कर से पीछे आ रहे स्कूटी सवार ससुर व उनकी पुत्रवधू गिर गई और डंपर के पहियों के नीचे आकर कुचल गए। हादसे में दोनों की मौत हो गई। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर एनएच 73 पर जाम लगा दिया, उनका आरोप था कि सिपाही ने उगाही के लिए डंपर को रोका हुआ था और उसे अचानक पीछे ले जाने को कहा, जिसकी वजह से हादसा हुआ।

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मौके पर पहुंचे सीओ ने आरोपी सिपाही को दंडित कराने का आश्वासन देकर करीब ढाई घंटे बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। इस हादसे में मरने वाले सहारनपुर के तोता चौक निवासी सिंचाई विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी सोमपाल सैनी और उनकी पुत्रवधू मनीषा थी। सोमपाल शनिवार सुबह लगभग नौ बजे अपनी पुत्रवधू के साथ स्कूटी पर यमुना नगर जा रहे थे। सरसावा में नकुड़ तिराहे पर सिपाही ने एक डंपर को रोक रखा था और चालक को डंडे से मार कर डंपर पीछे करने को कहा तो चालक ने अचानक डंपर को तेजी से पीछे की तरफ चला दिया।

पीछे से आ रहे स्कूटी चालक सोमपाल और मनीषा को संभलने का मौका नहीं मिला। टक्कर लगने के कारण ससुर और पुत्रवधू  स्कूटी से नीचे गिर गए और डंपर दोनों को कुचलता चला गया। आसपास के लोगों ने शोर मचाया तब चालक ने डंपर  को रोका। लोगों ने दोनों को डंपर के नीचे से निकाला। तब तक सोमपाल सैनी की मौत हो चुकी थी, जबकि मनीषा गंभीर रूप से घायल हो गई थी। लोगों ने घायल महिला को एक ओर लिटा दिया और पुलिस को घटना की सूचना दी।

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लाइसेंस से हुई मृतकों की पहचान

पुलिस के आने में देर होते देख लोगों ने मनीषा को कार से अस्पताल भिजवाया। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिसकर्मी की लापरवाही से हुए इस हादसे से लोग भड़क उठे। गुस्साए लोगों ने सोमपाल के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और आरोपी सिपाही को बर्खास्त करने की मांग की।

सूचना मिलते ही सीओ नकुड़ घटनास्थल पर पहुंचे तथा आरोपी सिपाही सुमित के निलंबन का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद सुबह करीब 10 बजे लगा जाम साढ़े 12 बजे खुल पाया। इस बीच सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। पुलिस की काफी मशक्कत के बाद राजमार्ग पर आवागमन सामान्य हो पाया।  पुलिस क्षेत्राधिकारी नकुड़ शिवराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराकर आरोपी सिपाही के निलंबन की संस्तुति की जाएगी।  
      
 सड़क पर पड़ी तड़पती रही घायल
पुलिसकर्मियों की संवेदनहीनता एक बार फिर सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि डंपर चालक को डंडे मारकर पीछे करा रहा सिपाही घायल मनीषा को अस्पताल पहुंचाने की बजाय अपने बचाव में लग गया। आरोप है कि महिला काफी देर तक सड़क पर पड़ी तड़पती रही। सिपाही दूर खड़ा हुआ तमाशा देखता रहा। लोगों का आरोप था कि सिपाही ने डंपर को भगाने में भी चालक की मदद की, लेकिन वह पकड़ा गया।

लाइसेंस से हुई मृतकों की पहचान
पुलिस चौकी के सामने हुए हादसे के बावजूद लोगों को पुलिस को सूचना देनी पड़ी। उसके बाद पहुंची पुलिस ने मृतक सोमपाल की तलाशी ली। जिसमें उसका लाइसेंस मिला। लाइसेंस के आधार पर उसकी पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी गई।
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