एलकेजी में पढ़ने वाली मासूम 6 साल की बच्ची के साथ स्कूल के मैनेजर ने घिनौना काम करने की कोशिश की। आरोपी मासूम बच्ची को चिप्स देने के बहाने ड्राइवरों के रेस्ट रूम में ले गया था। जानिए पूरा मामला
घटना उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की है। जानसठ कस्बे के एक पब्लिक स्कूल में मैनेजर ने छह साल की बच्ची के साथ स्कूल में दुष्कर्म की कोशिश की। पुलिस ने बच्ची से आरोपी की पहचान कराकर उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामला दो संप्रदाय से जुड़ा होने को लेकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस को सतर्क कर दिया गया है।
नगर पंचायत के एक सभासद की छह साल की मासूम बेटी के साथ स्कूल के मैनेजर ने ही शर्मनाक घटना की। बच्ची कस्बे के ही एक पब्लिक स्कूल में एलकेजी की छात्रा है। कस्बा निवासी 30 वर्षीय आरोपी युवक स्कूल में मैनेजर के पद पर है।
पुलिस के मुताबिक बृहस्पतिवार को स्कूल का मैनेजर बच्ची को चिप्स देने के बहाने ड्राइवरों के रेस्ट रूम में ले गया और दुष्कर्म की कोशिश की। इस दौरान बच्ची के रोने पर मैनेजर ने उसे डरा धमका कर चुप कर दिया। स्कूल की छुट्टी होने के बाद जब बच्ची घर पहुंची तो उसके अजीब से बर्ताव करने पर मां को शक हुआ।
मां ने उससे पूछा तो उसने सारी घटना बता दी। शाम को पति के घर आने पर पत्नी ने सारी बात बताई। पिता ने थाने में पहुंचकर इंस्पेक्टर आनंद प्रकाश मिश्रा को घटनाक्रम की जानकारी दी। इंस्पेक्टर ने आरोपी को पकड़ने के लिए स्कूल के चारों तरफ पुलिसकर्मियों को लगा दिया और पिता से बच्ची को साथ लेकर स्कूल जाने को कहा गया।
बच्ची के इशारा करने पर पुलिस ने आरोपी स्कूल मैनेजर को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पीडिता के पिता की तहरीर पर आरोपी मैनेजर मोहल्ला बेरियान निवासी अजय गर्ग पुत्र किशन गर्ग के विरुद्ध पोक्सो अधिनिमय के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता बच्ची को मेडिकल परीक्षण को अस्पताल भेज दिया।
उधर, सीओ जानसठ एक्सप्रेस प्रताप ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।
बच्ची कई दिन से मां से शिकायत कर रही थी
बच्ची के पिता ने बताया कि बेटी कई दिन से अपनी मां से इन हरकतों की शिकायत कर रही थी। पत्नी ने भी कई बार बेटी की शिकायत करने पर उससे कहा था। पिता का कहना था कि उस वक्त उसने समझा मामला गंभीर नहीं है। इसलिए पिता ने भी बेटी को कह दिया था वे स्कूल आकर अध्यापक को डांट देंगे। इस तरह की बात कहकर बेटी को चुप कर दिया गया। बृहस्पतिवार को हुई घटना की हकीकत का पता चलने पर उसने मैनेजर को सजा दिलाने की मन में ठान ली थी।
पति दोषी है, तो सजा मिलनी चाहिए
आरोपी मैनेजर दो बच्चों का बाप है। पिछले दो वर्षों से स्कूल में नौकरी कर रहा था। आरोपी की पत्नी ने बताया कि शादी होने के बाद वह मेरठ में रहकर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे। मेरठ में कंपनी के बंद होने के बाद कोई काम नहीं मिला।
इसलिए उनका परिवार जानसठ में अपने घर आकर रहने लगा। स्कूल में पति नौकरी करते हैं, स्कूल बंद होने पर वे अपनी दुकान करते थे। जिससे उनके परिवार का पालन पोषण हो रहा था। पति द्वारा की गई घटना बड़ी शर्मसार है। पति अगर दोषी है तो उसको सजा अवश्य मिलनी चाहिए।