अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और संजय सभरवाल को जेल भेजा।
मेरठ। कैंट स्टेशन के परिसर में बनी मस्जिद के सामने हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही और संजय सभरवाल की जमानत खारिज कर दी गई। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इससे पहले इस मामले में दोनों को 18 अप्रैल को अंतरिम जमानत मिली थी। जेल जाते समय सचिन सिरोही ने कहा कि समाज की लड़ाई लड़ने से वह पीछे नहीं हटेंगे। इसके लिए उन्हें कितनी बार भी जेल जाना पड़े।
कैंट स्टेशन परिसर में बनी मस्जिद के बाहर 22 मार्च की सुबह साढ़े दस बजे अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही अपने साथ 20-25 युवक लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि भड़काऊ नारे लगाए तो माहौल गरमा गया। वह मस्जिद में भी जबरन घुस गए। मौके पर जीआरपी और सदर थाना पुलिस पहुंच गई। सचिन सिरोही व उनके साथियों ने पुलिसकर्मियों व इंजीनियर के सामने मस्जिद में बने शौचालय को तोड़ दिया था। धार्मिक ग्रंथो को भी इधर-उधर फेंकने की कोशिश की थी। धमकी भरे अंदाज में आरोपियों ने कहा था कि वह इस मस्जिद को गिराकर रहेंगे और नमाज नहीं होने देंगे। बाद में कुछ अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए और उन्होंने मामले को शांत कराया। इस मामले में सदर थाने के दरोगा की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था।
खारिज होने के बाद मिली थी अंतरिम जमानत
इस मामले में 18 अप्रैल को एसीजेएम कोर्ट ने सचिन सिरोही और संजय सभरवाल की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इस पर अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में हंगामा कर दिया था। जिला जज को मामले की जानकारी देकर उनकी कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई गई। दोनों को उस दौरान अंतरिम जमानत मिल गई थी। सोमवार को जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी।