अवैध खनन और आसपास क्षेत्र में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में हाजी इकबाल के भाई व बसपा एमएलसी महमूद अली और अमित जैन से 50-50 करोड़ रुपये जुर्माने की वसूली होगी। तीन दिन पूर्व ही जिलाधिकारी ने दोनों से रकम की वसूली के लिए वसूली मांग पत्र (आरसी) जारी करते हुए तहसीलदार को पत्र भेजे हैं।
यह जुर्माना राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने लगाया गया था। 2016 में एनजीटी ने बसपा एमएलसी महमूद अली के अलावा अमित जैन, दिलशाद, वाजिद अली और विकास अग्रवाल पर 50-50 करोड़ रुपये और प्रधान स्टोन क्रशर पर ढाई करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था।
इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रधान स्टोन क्रशर, विकास अग्रवाल, वाजिद अली और दिलशाद को राहत मिल गई थी, लेकिन महमूद अली और अमित जैन को राहत नहीं मिल पाई थी। 19 मार्च 2020 को एनजीटी ने फिर से प्रदेश सरकार को पत्र भेजकर जुर्माने की रकम और पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली भू-राजस्व की भांति करने और रकम उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा कराने को कहा है।
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छह अक्तूबर को जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने महमूद अली निवासी मिर्जापुर पोल तहसील बेहट और अमित जैन निवासी महावीर कॉलोनी चिलकाना रोड सहारनपुर के खिलाफ वसूली मांग पत्र जारी किया है।
एमएलसी महमूद अली का कहना है कि 19 अगस्त 2019 को उन्हें हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिल चुका है। अभी हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन है। उन्हें नहीं मालूम कि प्रशासन ने अब आरसी कैसे जारी कर दी।
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