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Meerut News: डॉक्टर के खिलाफ साजिश कर दुष्कर्म का मामला दर्ज कराने पर अधिवक्ता समेत दो को जेल भेजा

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मेरठ। जेल में बंद आईएएस का फर्जी पीए बनकर ठगी करने वाले पंकज मिश्रा ने 50 लाख की सुपारी देकर डॉक्टर के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की पटकथा रची थी। उसके कहने पर अधिवक्ता गोविंद मोहन शर्मा ने दुष्कर्म की तहरीर में डॉक्टर को भी नाम जोड़ दिया था। सीओ कैंट नवीना शुक्ला की जांच रिपोर्ट के बाद नौचंदी थाने में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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नौचंदी पुलिस ने बुधवार को दो आरोपी शिवशक्ति विहार निवासी अधिवक्ता गोविंद मोहन शर्मा और वेदव्यासपुरी निवासी आशीष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करके जेल भेज दिया। आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं।
सीओ कैंट के अनुसार गत वर्ष पल्लवपुरम निवासी डा. बरखा और डा. मागवेंद्र से मुआवजा दिलाने के नाम पर सात करोड़ की ठगी की गई थी। सुल्तानपुर के गोसाईगंज निवासी पंकज मिश्रा ने ठगी को अंजाम दिया था। पंकज मिश्रा आईएएस का पीए बनकर ठगी करता था। उसके खिलाफ लखनऊ में भी काफी मुकदमे दर्ज हैं। वह अभी मेरठ जेल में बंद है। हिस्ट्रीशीटर अमित मरिंडा ने अधिवक्ता गोविंद मोहन शर्मा पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था। अधिवक्ता की जेल में पंकज मिश्रा से मुलाकात हुई। पंकज मिश्रा ने डाक्टर मागवेंद्र और बरखा को फर्जी मुकदमे में फंसाने के लिए 50 लाख की सुपारी दे दी। जेल से छूटने के बाद अधिवक्ता गोविंद मोहन ने नगर निगम कर्मचारी दीपक पंजाबी और नशा मुक्ति केंद्र संचालक आशीष और वीरेंद्र शर्मा से संपर्क किया।
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अमित मरिंडा गैंग से जुड़े हैं आरोपी
तीनों ही अमित मरिंडा गैंग के जुड़े है। 17 जनवरी 2025 को भावनपुर की एक किशोरी के साथ बीकॉम के छात्र द्वारा दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। तभी अधिवक्ता गोविंद मोहन ने किशोरी के परिवार से संपर्क किया। किशोरी की तरफ से मुकदमे में आरोपी बीकॉम छात्र विकास उर्फ बिट्टू के साथ ही डॉ मागवेंद्र और मुकुल जैन को भी नामजद कर दिया। दुष्कर्म के मुकदमे को सामूहिक दुष्कर्म बना दिया। सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे की विवेचना सीओ कैंट नवीना शुक्ला को दी गई। उनकी विवेचना में पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया। पुलिस ने अधिवक्ता गोविंद मोहन शर्मा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा का कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।
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फर्जी मार्क्सशीट के मामले में जा चुका है जेल
नौचंदी थाने में उन्होंने गोविंद मोहन शर्मा और इसके भाई अंकित मोहन शर्मा के खिलाफ फर्जी मार्क्सशीट के मामले का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके कब्जे से काफी मात्रा में नकली मार्क्सशीट भी बरामद की गई थी। इसके बाद ब्रह्मपुरी थाने में इसके खिलाफ गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज किया गया था। आठ महीने आरोपी जेल में भी रहा था। गोविंद मोहन शर्मा ने एक बार अपना मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया था। जिसमें उसने कोर्ट में दाखिल भी किया था, जिससे न्यायालय उसको मृत समझकर केस खत्म कर दें।
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