परतापुर स्थित कन्हा उपवन गौशाला में गोवंशों की दुर्दशा को लेकर जिला अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन
मेरठ। परतापुर स्थित कान्हा उपवन गोशाला में शनिवार को फिर दो और गोवंशों की मौत हो गई। गोवंशों की दुर्दशा और उनकी मदद करने पहुंच रहे लोगों को भी निराश लौटना पड़ रहा है। क्योंकि निगम के अफसरों ने गोशाला में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ में निरीक्षण के दौरान गोशाला में आ सकते हैं, इसको लेकर अधिकारियों में खलबली मची हुई है।
गोशाला में गोवंशों की दुर्दशा और भूख के कारण हुई उनकी मौत का मामला अभी गरमाया हुआ है। यह मामला मुख्यमंत्री के भी संज्ञान में है। लापरवाही और सरकारी गबन करने के आरोप में प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डॉ. हरपाल सिंह जेल में है। इसके चलते निगम के अधिकारी खुद माॅनिटरिंग कर गोशाला की स्थिति में सुधार करने में जुटे हैं। गोवंशों में हिमोग्लोबिन की कमी, गर्मी और उमस के कारण लगातार गोवंशों की तबियत खराब हो रही है। जिसके चलते 20 दिन में करीब 25 गोवंशों की मौत हो चुकी है। इसको देखते हुए गोशाला में दो पशु चिकित्सक और चार पशु मित्रों की तैनाती की गई है। चिकित्सक भी गोवंशों को लगातार मल्टी विटामिन, कैल्शियम की दवाई चढ़ाने का दावा कर रहे है। बावजूद इसके गोवंशों की स्थिति में सुधार देखने का नही मिल रहा है शनिवार को भी बीमारी के चलते दो और गोवंशों की मौत हो गई। इसकी जानकारी मिलने पर कई लोग गोशाला में गोवंशों की स्थिति देखने पहुंचे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें निगम अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए अंदर जाने से रोक दिया। लोगों ने कहा कि हमें रोकने से नहीं, सुधार करने से व्यवस्था अच्छी होगी। कमिश्नर से शिकायत करेंगे। अपर नगर आयुक्त पंकज सिंह ने बताया कि गोशाला में स्थिति सुधारने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। बारिश के चलते कुछ काम प्रभावित हुआ है। जो भी जरूरत की चीज बताई जा रही है उन्हें मुहैया कराया जा रहा है। बताया कि गोशाला में खडंजे के निर्माण के चलते लोगों के आने का समय निर्धारित किया गया है जिससे काम में रूकावट पैदा न हो।
स्वामी अनुज आचार्य ने जिलाधिकारी कार्यालय में की शिकायत
पंतजलि योग पीठ के आचार्य स्वामी अनुज बिधुडी शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचे और कान्हा उपवन में हो रही गोवंशों की दुर्दशा को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने ज्ञापन देते हुए बताया कि गोशाला में गोवंशों की स्थिति में सुधार नही हो पा रहा है। शासन के द्वारा मोटी रकम गोशाला के लिए दी जा रही है। इसका सही उपयोग नही किया जा रहा। बताया कि अभी भी गोवशों की उपचार और रखरखाव में लापरवाही की जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देते हुए जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। इस दौरान सोनू सेन, विशाल ठाकुर, दीपक पाल आदि मौजूद रहे