इसके अलावा एक हाथ की चार अंगुली चबा दीं और शरीर पर कई जख्म भी कर दिए। उसकी पत्नी वापस आकर कमरे में पहुंची तो बच्ची लहुलुहान हालत में मिली और खून से सनी बिल्ली भी उसके पास बैठी थी। उसने बिल्ली को भगाया तो तभी अर्जुन भी पहुंच गया। बच्ची की आंख अंदर की तरफ की गई और उसे अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां से उसको गंभीर हालत के कारण रेफर कर दिया गया। अर्जुन ने बताया कि दिल्ली के एम्स में बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है।
पूजा कमरे में न पहुंचती तो बच्ची की जान ले लेती बिल्ली
अर्जुन ने बताया कि पत्नी को कमरे से आने और वापस जाने में पांच से छह मिनट लगे। इतनी देर में बिल्ली ने बच्ची पर हमला कर दिया। अगर उसकी पत्नी कमरे में नहीं पहुंचती तो बिल्ली उसकी बेटी की जान ले लेती।
नवजात बच्चों को शिकार समझती हैं बिल्ली, अकेला न छोड़े
वन क्षेत्राधिकारी श्रवण कुमार ने बताया कि सभी जानवर आक्रामक होते हैं, जो दबाव पड़ने पर हमला भी करते हैं। बिल्ली भी आक्रामक प्रजाति की जानवर है, जो शरीर से आने वाली गंध से अपने शिकार की पहचान करती हैं। नवजात और छोटे बच्चों के शरीर से आने वाली गंध बिल्ली को आकर्षित करती है, जिसे वह अपना शिकार समझकर हमला भी कर देती हैं। दो माह की बच्ची पर हमला करने का भी यहीं कारण है। इसलिए घर में नवजात और छोटे बच्चों को बिल्ली, कुत्तों से दूर रखना चाहिए। बच्चों को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।