ई-रिक्शा के सामने कार लगाई और फायरिंग करते हुए नसीमुद्दीन और विजय को पुलिस कस्टडी से छुड़ाकर ले गए। बदमाश जैननगर के रास्ते से होते हुए रोहटा रोड से एनएच-58 पर पहुंच गए। दोनों बदमाशों को कस्टडी से छुड़ाने की जानकारी पुलिसकर्मियों ने कंट्रोल रूम में दी। वायरलेस सेट से बदमाशों की तलाश में शहर में सघन चेकिंग की सूचना फ्लैश हुई। एसपी सिटी, सीओ ब्रह्मपुरी, देहलीगेट, टीपीनगर और ब्रह्मपुरी पुलिस मौके पर पहुंची।
काशी टोल के पास मुठभेड़ में पकड़े
रात 9:00 बजे एसओजी के साथ इंस्पेक्टर परतापुर रामफल मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेसवे स्थित काशी टोल के पास चेकिंग कर रहे थे। बाइक पर सवार दो युवकों को चेकिंग के लिए पुलिस ने रुकने का इशारा किया। एसपी सिटी पीयूष सिंह ने बताया कि बदमाश पुलिस टीम पर फायरिंग कर सोलाना गांव की तरफ भागने लगे। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। दोनों बदमाश पुलिस कस्टडी से भागने वाले नसीमुद्दीन और विजय हैं।
कहां से आई बाइक, साथी बदमाशों का सुराग नहीं
नसीमुद्दीन गुलावठी निवासी मोनू गुर्जर गैंग का सदस्य है। मोनू एक लाख का इनामी रह चुका है और जेल में बंद है। चार बदमाश फायरिंग करके दोनों साथियों को छुड़ाकर कार में बैठाकर ले गए थे। मुठभेड़ के दौरान बदमाशों के पास बाइक बरामद हुई है। बदमाशों ने बाइक कहां से ली, उनके चार साथी कहां फरार हुए हैं। इसका पता लगाने में पुलिस जुटी है।