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Meerut News: मेरठ के दो लाख गन्ना किसानों को 200 करोड़ रुपये का मिलेगा तोहफा

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रालोद सांसद राजकुमार सांगवान और नेता सुनील रोहटा ने गन्ना मूल्य बढ़ने पर किसानों को दी बधाई...
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मेरठ। यूपी सरकार ने गन्ना किसानों को खुश करने के लिए 30 रुपये प्रति क्विंटल दाम बढ़ा दिए हैं। माना जा रहा है पंचायत और विधानसभा चुनावों को साधने लिए यह निर्णय लिया गया है। योगी सरकार के इस फैसले से मेरठ के दो लाख किसानों की झोली में 200 करोड़ रुपये अधिक आएंगे। जबकि मेरठ मंडल में चार लाख किसानों को लाभ मिलेगा।
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सरकार ने किसानों को अगेती प्रजाति के गन्ने का मूल्य 370 से बढ़ाकर 400 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। जबकि सामान्य गन्ने की प्रजाति के गन्ने का मूल्य 360 रुपये से बढ़ाकर 390 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। हालांकि मेरठ के किसान संगठन गन्ना मूल्य को 450 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि 400 रुपये क्विंटल में गन्ने की लागत ही मिल रही है। अभी भी उनको घाटा सहना पड़ेगा। अब यूपी में 2027 में विधान सभा चुनाव होने हैं। जबकि साल-2026 में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार ने चुनावों को देखते हुए गन्ने के दामों में वृद्धि की है।



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पश्चिम यूपी में 30 लाख हेक्टेयर पर 35 लाख किसान कर रहे गन्ने की खेती



- पश्चिम उत्तर प्रदेश में 35 लाख से अधिक किसान गन्ने की खेती करते हैं। 30 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि पर गन्ने की खेती कर रहे हैं। मेरठ में 1.55 लाख हेक्टेयर जमीन पर दो लाख किसान गन्ने की फसल पैदा कर रहे है। जिले के किसान 6.5 करोड़ कुंतल गन्ना मेरठ की चीनी मिल को देते हैं। जबकि उसके एवज में 2200 करोड़ रुपये का किसानों को भुगतान किया जाता रहा है। मगर अब यह राशि 2200 करोड़ रुपये से बढ़कर 2400 करोड़ हो जाएगी। जबकि मंडल में 15 करोड़ क्विंटल गन्ना चीनी मिल में दिया जाता है और उसके एवज में 5200 करोड़ का भुगतान किया जाता रहा है।
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किनोनी चीनी मिल किसानों का बकाया इसी सप्ताह करेगी भुगतान
किनोनी चीनी मिल पर किसानों का 10 करोड़ रुपये बकाया है। लेकिन चीनी मिल किनोनी प्रबंधन ने इसे इसी सप्ताह भुगतान करने की बात कही है। इस घोषणा से भी किसान काफी खुश हैं।


2010 से अब तक हुई गन्ना मूल्य वृद्धि की स्थिति

पेराई सत्र अगेती प्रजाति सामान्य अनुपयुक्त प्रजाति



2025-26 400 रुपये 390 रुपये 385 रुपये

2022-23 370 रुपये 360 रुपये 355 रुपये



2021-22 350 रुपये 340 रुपये 335 रुपये

2019-20 325 रुपये 315 रुपये 310 रुपये



2018-19 325 रुपये 315 रुपये 310 रुपये

2017-18 325 रुपये 315 रुपये 310 रुपये



2016-17 315 रुपये 305 रुपये 300 रुपये

2015-16 290 रुपये 280 रुपये 275 रुपये



2014-15 290 रुपये 280 रुपये 275 रुपये

2013-14 290 रुपये 280 रुपये 275 रुपये



2012-13 290 रुपये 280 रुपये 275 रुपये

2011-12 250 रुपये 240 रुपये 235 रुपये



2010-11 210 रुपये 205 रुपये 200 रुपये

(नोटः गन्ना मूल्य प्रति कुंतल में हैं)



- लंबे समय बाद सरकार ने गन्ने का भाव 30 रुपये बढ़ाया है। जबकि लागत में करीब 100 रुपये का घाटा हो रहा है। किसान इस वृद्धि से नाखुश हैं। फिर भी यूपी सरकार का आभार।
- अनुराग चौधरी, जिलाध्यक्ष,भाकियू।



- हरियाणा सरकार ने गन्ने का भाव 415 रुपये है। यूपी सरकार को कम से कम हरियाणा की तर्ज पर तो गन्ने का भाव देना चाहिए था। सरकार ने गन्ने की लागत पर ध्यान नहीं दिया।



- राजकुमार करनावल, किसान नेता।

- सरकार ने गन्ना 30 रुपये मूल्य बढ़ाकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार किसानों के हित में लगातार कदम उठा रही है। समस्त किसान व यूपी के सीएम योगी का आभार है।

- गौरव चौधरी, अध्यक्ष जिला पंचायत।



- कम से कम 50 रुपये गन्ने का रेट बढ़ना चाहिए था। बसपा सरकार ने सबसे अधिक रेट बढ़ाए थे। हमारी सरकार बनेगी तो फिर पूर्व की तरह गन्ने का रेट दिया जाएगा।



- जगरूप जाटव, मंडल को-ऑर्डिनेटर बसपा।

- 30 रुपये दाम बढ़ाना ऊंट के मुंह में जीरे की तरह है। कम से कम 100 रुपये दाम बढ़ाने चाहिए थे। यह सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है। जबकि किसान विरोधी है।
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- रंजन शर्मा, महानगर अध्यक्ष कांग्रेस।

- सरकार का यह निर्णय चौधरी चरण की किसान नीति की भावना के अनुरूप है। इससे किसानों को लाभ पहुंचेगा और उनके परिश्रम का सम्मान है।



- सतेंद्र सिंह तोमर, रालोद नेता।
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