माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्प्लेक्स पर हुई कार्रवाई और अन्य संस्थानों के लिए लिए न्यायालय के आदेश में संशोधन की मांग के लिए व्यापारियों ने बुधवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है। बुधवार को न्यायालय में याचिका (इंटरवेशन इंप्लीमेंट एप्लीकेशन) दायर की है। न्यायालय व्यापारियों की याचिका पर सुनवाई करेगा या नहीं यह आने वाले दिनों में पता चलेगा।
शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में 661-6 पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जमींदोज करने की कार्रवाई की जा चुकी है। अब मार्केट के ऐसे दुकानदार परेशान हैं, जिन्हें आवास विकास ने नोटिस दिया हुआ है। व्यापारी अपनी दुकानों को बचाने के प्रयास में जुट गए हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से व्यापारियों को आश्वासन मिला है लेकिन वह सुप्रीम कोर्ट में भी अपना पक्ष रखकर राहत प्राप्त करना चाहते हैं। व्यापारियों ने सुप्रीम कोर्ट में छठी बार गुहार लगाई है। इससे पहले उनकी याचिका खारिज भी की जा चुकी है।
चार दिन बाद गुलजार हुआ सेंट्रल मार्केट, बीच में दिखा मलबे का ढेर
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर में अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त होने के चार दिन बाद बुधवार को सेंट्रल मार्केट गुलजार हुई। सभी दुकानें खुलीं। सुबह और शाम बाजार में आने वालों की काफी भीड़ रही। हालांकि बीच बाजार में पड़े कॉम्प्लेक्स के मलबे को लोग रुककर देखते नजर आए।
शास्त्रीनगर की सेक्टर छह में 661 पर बने कॉम्प्लेक्स को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। आवास विकास परिषद ने शनिवार को अवैध कॉम्प्लेक्स पर कार्रवाई शुरू कर दी थी। लगातार दो दिन तक चली कार्रवाई के बाद बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई। इसके बाद आवास विकास ने अन्य दुकानों को भी खाली करने की चेतावनी जारी की थी। इसके विरोध में सेंट्रल मार्केट के सभी व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करके अनिश्चित कालीन धरना शुरू कर दिया था। धरना स्थल पर पहुंचकर सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल और महापौर हरिकांत अहलुवालिया आदि नेताओं ने आगे कोई कार्रवाई न होने देने का आश्वासन देकर मंगलवार दोपहर को बाजार खुलवा दिया था। कमिश्नर ने भी इस संबंध में शासन को पत्र लिखा था।