बच्चे रोजाना की तरह स्कूल से लौटे तो उन्हें घर पर पुलिस और लोगों की भीड़ लगी मिली। मां रोजाना मुस्कराकर हाल-चाल पूछती थी। लेकिन आज घर पर मां का खिलखिलाता चेहरा नहीं, आंसू मिले। ऐसे शब्द सुनने को मिले जिन्हें सुनकर मासूम की छोड़िए बड़ों का कलेजा कांप जाए। जब मम्मी-पापा बच्चों से कहें कि आज तो हममें से तुमको कोई जिंदा नहीं मिलता। बदमाश सबको मार जाते। डकैती का पता चलने पर बेटी ने रोते पिता को ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि पापा आप लोग ठीक हो, बस यही हमारे लिए सब कुछ है।
सीओ दफ्तर के सामने दिनदहाड़े हुई वारदात भले ही खुल जाएगी। लेकिन बच्चे शायद ही इस वाकये को जिंदगी भर भूल पाएंगे। मोहनपुरी के विकास विहार में बुधवार को रिटायर्ड इंजीनियर श्रीप्रकाश गोयल के मकान में रहने वाले अनुज की 15 साल की दसवीं में पढ़नी वाली बेटी अमीषा छोटे भाई हर्ष की उंगली थामे घर पहुंची तो वहां पर लोगों की भीड़ जुटी दिखी।दोनों बच्चे तेजी से ऊपरी मंजिल पर पहुंचे तो घर का सामान अस्त व्यस्त देखकर अवाक रह गए। सारे कपड़े और सामान इस कदर बिखरे थे कि न जाने यहां पर कोई भूचाल आया हो। कमरे में पहुंचे तो गुमसुम मां मीनल और दादी बीना बस इतना ही बोल पाईं कि बेटा आज तो हमसे तुमको कोई नहीं मिलता। सब को मार जाते। बदमाश आए और सब कुछ लूटकर चले गए। अमीषा तेजी से दूसरे कमरे में पहुंची तो वहां पापा अनुज रोए जा रहे थे। पापा को मासूम बेटी ने ढाढ़स बंधाया। समझाया कि पापा, आप लोग ठीक हो यह हमारे लिए सब कुछ है।