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यूपी: जिला कारागार में बंदियों के बीच संघर्ष, एक की हत्या, दो साल पहले इसी जेल में हुआ था मुन्ना बजरंगी का मर्डर

Sun, 03 May 2020 01:20 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
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jail - फोटो : amar ujala
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बागपत जेल में शनिवार दोपहर बैरक संख्या 21 बंदियों के दो गुटों के बीच हुई कहासुनी हो गई, उस समय तो इनका बीचबचाव करा दिया गया, लेकिन शाम को एक गुट ने दूसरे गुट पर चम्मचों को घिसकर बनाए चाकुओं से हमला कर दिया। इसमें एक बंदी ऋषिपाल की मौत हो गई। उसके पिता और नौकर सहित तीन लोग घायल हो गए। घटना के बाद डीएम शकुंतला गौतम और एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव ने जिला जेल में पहुंचकर मामले की जांच की। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद एक और वारदात से बागपत जेल प्रशासन की भूमिका और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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गत 16 अप्रैल को बसी गांव के ऋषिपाल (46) और पूर्व प्रधान ओमपाल पक्ष के बीच झगड़ा हो गया था। इसमें ऋषिपाल, उसका पिता सत सिंह और नौकर अमित जौनमाना भी जेल गए थे। जेल में पहले से बंद काठा गांव के बबलू कश्यप और ऋषिपाल को बैरक नंबर 21 में रखा गया था। शनिवार दोपहर को ऋषिपाल की बबलू कश्यप के साथ कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद दोनों को अलग-अलग बैरक में बंद कर दिया गया। शाम चार बजे के लगभग ऋषिपाल अपने नौकर के साथ बैरक से बाहर निकला तो बबलू कश्यप ने अपने साथियों के साथ मिलकर चम्मच के चाकू से उनपर हमला कर दिया। ऋषिपाल को बचाने में घायल हुए उसके पिता सत सिंह और एक अन्य को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जबकि अमित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसपी प्रताप गोपेंद्र यादव का कहना है कि जांच की जा रही है। बंदियों के बीच झगड़ा हुआ था।

दो साल पहले हुई थी मुन्ना बजरंगी की हत्या
जिला कारागार में नौ जुलाई 2018 की सुबह मुन्ना बजरंगी की हत्या कर दी गई थी और हत्या का आरोप सुनील राठी पर लगा था। पुलिस ने सुनील राठी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। प्रकरण की सीबीआई जांच चल रही है।

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तिहरे हत्याकांड का आरोपी है बबलू कश्यप
ऋषिपाल की हत्या का आरोप गांव काठा में हुए तिहरे हत्याकांड के आरोपी बबलू कश्यप पर लग रहा है। बबलू कश्यप को दस दिन पहले मेरठ जेल से बागपत शिफ्ट किया गया था। चम्मच को घिसकर बनाई गई कट्टन को मिट्टी में दबाने पर दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ था।

प्रथम दृष्या जानकारी में आया है कि बैरक के बाथरूम की फ्लश से लोहे का टुकड़ा निकालकर हथियार के तौर हत्या में इस्तेमाल किया गया। इसकी जांच डीआईजी जेल लव कुमार को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के पश्चात दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आनंद कुमार, डीजी जेल 


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