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आवारा कुत्तों ने दो बछड़ों को नोच-नोच कर मार डाला, ग्राम प्रधान के खिलाफ जमकर हंगामा

Thu, 25 Jul 2019 01:39 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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ग्रामीणों को समझाते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर जिले में भोपा स्थित कांजी हाउस में आवारा कुत्तों ने दो बछड़ों को नोच-नोच कर मार डाला। गोवंश की मौत पर सैकड़ों ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध जमकर हंगामा किया। 

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सूचना पर पहुंचे एसडीएम जानसठ और सीओ भोपा के समझाने पर ही मृत बछड़ों को उठने दिया। उधर, डीएम के आदेश पर ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया और बीडीओ मोरना को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। साथ ही ग्राम प्रधान को अधिकार सीज करने का नोटिस जारी किया गया है।
 
भोपा कस्बे में अथाई मार्ग पर कांजी हाउस बना हुआ है। इसमें 14 गोवंश हैं। कांजी हाउस के चारों ओर तारकशी की हुई है। बुधवार को कांजी हाउस में कुत्तों ने दो बछड़ों को नोच-नोच कर मार डाला। राहगीरों की सूचना पर ग्राम प्रधान के पति इजहार अहमद मौके पर पहुंचे। इसी दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई तो ग्राम प्रधान पति ने कांजी हाउस का अंदर से ताला बंद कर दिया। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। 
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सूचना पर पहुंचे सीओ भोपा राम मोहन शर्मा, थाना प्रभारी निरीक्षक एमएस गिल ने कांजी हाउस का ताला खुलवाया। पुलिस ने मृत पड़े दोनों बछड़ों को उठाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि जब तक डीएम मौके पर नहीं आएंगी तो वह मृत गोवंश को उठने नहीं देंगे।

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इसके बाद एसडीएम जानसठ इंद्राकांत द्विवेदी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत करते हुए कांजी हाउस का निरीक्षण किया। एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीणों ने मृत बछड़ों के शवों को उठने दिया। हंगामा करने वालों में जगपाल सिंह वालिया, सचिन कटारिया, प्रदीप शर्मा, तरुण धीमान, विकास, रूबी कुमार, दीपक वालिया, छोटा, रोहित कुमार आदि ग्रामीण मौजूद रहे।

कांजी हाउस के हालात बताए
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि इससे पूर्व भी कई घटनाएं गोवंश के मरने की हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप था की कांजी हाउस में पशुओं के कुंड में पड़े भूसे व पानी के हौज में कीड़े पैदा हो रहे हैं। कांजी हाउस में 14 गोवंश मौजूद है, जिन को भरपेट चारा नहीं दिया जाता है। साथ ही उनकी देखरेख के लिए उचित व्यवस्था भी नहीं की गई है।

तीन चिकित्सकों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
डीएम के आदेश पर दोनों मृत बछड़ों का पोस्टमार्टम तीन पशु चिकित्सा अधिकारियों के पैनल ने किया। पैनल में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हेमेंद्र कुमार, मोरना के डॉक्टर अखिलेश कुमार, ककरौली पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर हरेंद्र कुमार शामिल रहे। डॉ. हेमेंद्र कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम में बछड़ों की मौत कुत्तों के नोचने के कारण हुई है। बछड़ों के शवों को जमीन में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया।

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