नगर निगम के ट्रॉमा सेंटर में दो गोवंश ने दम तोड़ा
मेरठ। गोवंश की सुरक्षा और उन्हें बचाने के लिए जहां प्रदेश सरकार भारी बजट खर्च कर रही है, वहीं शहर में इनकी सही से देखभाल भी नहीं हो पा रही है। नगर निगम के ट्रॉमा सेंटर में ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब किसी गोवंश की मौत न होती हो। रविवार को भी यहां दो गोवंश ने दम तोड़ दिया। जिससे नगर निगम अधिकारियों और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया। आयोग के चेयरमैन ने जांच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है।
नगर निगम ने बेसहारा गोवंश को बचाने के लिए परतापुर के बराल में कान्हा उपवन बनाया है। वहीं दुर्घटना में घायल और बीमार गोवंश के इलाज के लिए सूरजकुंड डिपो में ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया हुआ है। यहां पर पशुपालन विभाग की तरफ से आठ-आठ घंटे के लिए पशु चिकित्सकों की तैनाती की है। नगर निगम कर्मी घायल और बीमार गोवंश को यहां लाते हैं। रविवार को ट्रॉमा सेंटर में चार गोवंश के मरने की सूचना मिली तो अमर उजाला टीम ने सेंटर पहुंचकर मामले की जानकारी ली। ट्रामा सेंटर में उस समय छह पशु मौजूद थे। जिसमें एक पशु मरा पड़ा था और दूसरा पशु दम तोड़ने की कगार पर था। एक पशु रात में मर गया था, जिसे सुबह नगर निगम कर्मी ले जा चुके थे। ट्रामा सेंटर प्रभारी डॉ. वेदप्रकाश ने बताया कि रविवार को दो गोवंश मरे हैं। कई दिन से इनका इलाज किया जा रहा था। सेंटर में बाकी बचे पांच पशुओं का अभी भी इलाज चल रहा है। चार गोवंश मरने की सूचना गलत है। हालांकि, आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने मामले की सूचना उत्तर प्रदेश राज्य गोशाला आयोग के चेयरमैन श्याम नंदन सिंह को दे दी है। उन्होंने मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।