नोट- हापुड़ के ध्यानार्थ
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कोर्ट ने कहा कि ऐसा कोई आधार नहीं कि आरोपी जमानत का दुरुपयोग कर रहा है
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। खरखौदा थाना क्षेत्र में एक जून को हुई हापुड़ निवासी तुषार त्यागी की हत्या के आरोपी पिता सुंदर त्यागी की जमानत निरस्त करने की याचिका बुधवार को न्यायालय ने खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा है कि अभियोजन ने ऐसा कोई आधार नहीं दिया कि आरोपी जमानत का दुरुपयोग कर रहा है या न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रहा हो।
मेरठ-बुलंदशहर हाईवे पर पांची गांव के अंडरपास के नीचे एक जून की रात स्कॉर्पियो सवार हापुड़ के गांव दयोमी निवासी तुषार त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तुषार की पत्नी शिखा त्यागी ने गांव के ही तरुण त्यागी व हापुड़ निवासी बिट्टू उर्फ अरविंद त्यागी के खिलाफ खरखौदा थाने पर पति की हत्या करने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। बिट्टू त्यागी ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। पुलिस ने 36 बीघा भूमि का विवाद बताते हुए देहरादून में नाम बदलकर विकास सुमन नाम से रह रहे तुषार के पिता सुंदर त्यागी, उसके साथी देहरादून निवासी अमित को गिरफ्तार किया था।
बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट से कहा कि था विवेचक ने शिखा त्यागी और तुषार त्यागी के बयान तोड़ मरोड़कर दर्ज किए हैं। आरोप लगाया कि नामजद आरोपी तरुण त्यागी से सांठगांठ कर सुंदर त्यागी उर्फ राजीव त्यागी उर्फ विकास को फंसाया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, तुषार की पत्नी शिखा और बहन मोना ने न्यायालय में शपथ पत्र देकर सुंदर त्यागी को निर्दोष बताया था। इसके बाद सुंदर त्यागी को जमानत मिल गई थी। जबकि शपथ पत्र केस डायरी का हिस्सा नहीं थे। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अमित वीर सिंह विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ने जमानत निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी है।
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