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पशुओं से भरी गाड़ियों को रोककर हंगामा

Fri, 24 Mar 2017 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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गढ़ रोड स्थित हसनपुर चौकी के सामने विश्व हिंदू परिषद और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने पशुओं से भरी गाड़ियों को रोककर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची भावनुपर पुलिस ने गाड़ियों को कब्जे में लेकर थाने भेजा। आरोप है कि पशुओं को कटान के लिए ले जाया जा रहा था।
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भावनपुर थाना क्षेत्र के हसनपुर चौकी के सामने से बृहस्पतिवार को पशुओं को गाड़ी में लादकर ले जाया जा रहा था। इस पर विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सचिव दिग्विजय सिंह, रजत राणा, अमन शर्मा, ऋषभ तोमर, मनीष तोमर और हिंदू युवा वाहिनी के जिला अध्यक्ष जगदीश राधव, संजू उर्फ मामा, अमित तोमर, ठाकुर अजय तोमर, भाजपा के सेक्टर प्रभारी शौकत अली और राशिद चौधरी आदि वहां पहुंच गए। उन्होंने गढ़ की ओर से आने वाली पशुओं से भरी गाड़ियों को रोकते हुए हंगामा कर दिया। इस दौरान वहां जाम की स्थिति बन गई। वहीं दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि पशुओं के अवैध कटान को जाने वाली सभी गाड़ियों से पुलिस अवैध उगाही करती है।

इन लोगों के खिलाफ हुआ रिपोर्ट
भावनपुर एसओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि एक टाटा, एक कैंटर और पांच टाटा पिकअप में 25 पशुओं को लादकर ले जाया जा रहा था। मामले में चालकों सहित 12 लोगों को हिरासत में लिया है। हसनपुर चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार ने बताया कि जम्मद पुत्र खान मोहम्मद निवासी करमली थाना गजरौला, राजवीर सिंह पुत्र ग्यान सिंह निवासी नानपुर थाना गढ़मुक्तेश्वर, अफजाल पुत्र नसीरुद्दीन निवासी घौसीपुर थाना खरखौदा, दिलशाद पुत्र आशिक अली निवासी बक्सर थाना सिंभावली, शौकेंद्र पुत्र रमेश चंद्र निवासी रोहटा, नजर मोहम्मद पुत्र यामीन निवासी बिसौला थाना इंचौली, वारस अली पुत्र चैन्नी निवासी बीवी नगर, शरीफ पुत्र शाकिया निवासी जॉकिर कॉलोनी लिसाडी गेट, राशिद पुत्र आस मोहम्मद निवासी नरहाड़ा खरखौदा, वकील अहमद पुत्र अब्दुल मजीद निवासी इकबाल नगर थाना खरखौदा, आरिफ पुत्र हमीद निवासी श्याम नगर थाना लिसाड़ी, सलमान पुत्र इस्लाम निवासी वैट थाना सिंभावली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
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मीट शॉप के लाइसेंस के लिए मची होड़
 अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई से मीट शॉप संचालक दहशत में हैं। मेडिकल कॉलेज स्थित खाद्य एवं औषधि कार्यालय में अचानक हलचल बढ़ गई है। दो दिन में करीब 50 लोगों ने मीट शॉप के लिए रजिस्ट्रेशन फॉर्म जमा किए हैं। कई लोग जानकारी लेने में जुटे हैं। अभिहित अधिकारी रणधीर सिंह का कहना है कि काफी लोग अब मीट शॉप के लिए रजिस्ट्रेशन पाने को लेकर लाइन में खड़े हैं। हमारी तरफ से भी लाइसेंस जारी करने से पहले दुकानों के निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी अब पहले निरीक्षण करेंगे, उसके बाद ही रजिस्ट्रेशन नंबर जारी करेंगे।

अपील का नहीं हुआ था असर
एफडीए की तरफ से लगातार अपील की जा रही थी कि खानपान से जुड़ी कोई भी वस्तु अगर किसी के द्वारा बेची जाती है तो उसे एफडीए से रजिस्ट्रेशन लेना होगा। लेकिन किसी ने इस आदेश पर अमल नहीं किया था। पिछले साल खाद्य विभाग के अधिकारियों ने ऐसे तमाम क्षेत्रों का दौरा किया था, जहां पर मीट शॉप की सबसे ज्यादा दुकानें हैं। मीट की दुकान चलाने वालों से रजिस्ट्रेशन नंबर लेने के लिए कहा था, लेकिन किसी ने बात नहीं मानी। अब सूबे में सरकार बदलते ही रजिस्ट्रेशन लेने के लिए लाइन लग गई है।

दुकानों पर होगी कार्रवाई
अभिहित अधिकारी रणधीर सिंह का कहना है कि शहर में काफी मीट की दुकानें हैं। इनसे गंदगी होती है। रजिस्ट्रेशन के पीछे मकसद सिर्फ मीट शॉप को चिह्नित करना या फाइल में संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि रजिस्ट्रेशन लेने से पहले कुछ अनिवार्य शर्तें हैं जिसे मीट शॉप संचालित करने वाले को पूरा करना होगा। इन शर्तों को पूरा करने के बाद लोगों को स्वच्छ एवं शुद्ध मीट मिल पाएगा। उन्होंने बताया कि जिस दुकान का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस को रोज देनी होगी रिपोर्ट
एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों, सीओ और एडिशनल एसपी को पत्र जारी किया है। इसमें कहा गया है कि बूचड़खानों और अवैध तरीके मीट की दुकानों पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसमें किसी भी स्तर पर पुलिस की तरफ से लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित थाना प्रभारी अपने क्षेत्र की कार्रवाई के बारे में रजिस्ट्रर तैयार करेंगे। रजिस्ट्रर में प्रत्येक दिन की कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार करनी होगी। दिन की होने वाली कार्रवाई के बारे में उस सर्किल के सीओ कार्रवाई की समीक्षा करेंगे। जिसके बाद सीओ के बाद कार्रवाई की रिपोर्ट एडिशनल एसपी के माध्यम से एसएसपी को भेजी जाएगी। पूरे जिले में अलग अलग थाना क्षेत्रों में हुई कार्रवाई को एसएसपी लखनऊ गृह विभाग को भेजेंगे। जिसके बाद मुख्यमंत्री सीधे कार्रवाई की समीक्षा कर सकेंगे। शासन के इस आदेश को लेकर पुलिस अफसरों में हड़कंप मचा है। बृहस्पतिवार को हुई कार्रवाई के बारे में वायरलेस सेट से भी मैसेज फ्लैश किया गया। जिसके बाद थाना पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को बताया।

अवैध 20 दुकानों पर जड़े ताले
नगर निगम की टीम ने मीट की अवैध दुकानों पर ताले जड़े। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कुंवर सेन के निर्देश पर कार्रवाई की गई। भूमिया पुल, लिसाड़ी गेट, लिसाड़ी रोड और लक्खीपुरा आदि क्षेत्र में मीट की दुकानों के लाइसेंस चेक किए। यहां पर बिना लाइसेंस की 20 अवैध दुकानें मिलीं। इन सभी को तत्काल बंद करा दिया। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि यह अभियान जारी रहेगा। शहर में फुटकर मीट बिक्री के लिए 132 दुकानों को नगर निगम ने लाइसेंस दिया है। इन दुकानों की भी चेकिंग कराई जा रही है।
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