दोनों वाहनों में भीषण आग लग गई। जिसमें ट्रक के चालक परिचालक अंदर ही फंस गए। घटना की सूचना पर कुछ ही देर में पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने दोनों को किसी तरह बाहर निकाला। लोगों की माने तो पुलिस समय रहते ना पहुंचती तो चालक-परिालक का दम घुट सकता था। ट्रक चालक जगदीश निवासी टोंक राजस्थान ने बताया कि वह ट्रक में अफजलपुर से चीनी के कट्टे लेकर कोल्हापुर राजस्थान जा रहा था। आग में चीनी के कट्टे भी जल गए। थाना प्रभारी शिवदत्त के मुताबिक घटना के मामले में तहरीर नहीं दी गई है।
भीषण हादसा हुआ तो तब पहुंचे इंजीनियर
हादसा होने पर नेशनल हाईवे आथर्टी के अधिकारियों की आंखें खुलीं। बृहस्पतिवार को इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने भी मौके का मुआयना किया।
बुधवार को सपा नेता सुदेशपाल के नेतृत्व में एनएच 119 हाईवे पर दो सालों से हो रहे जलभराव में धान की रोपाई कर कड़ा विरोध जताया था। वहीं, बृहस्पतिवार अलसुबह हुए भीषण हादसे के बाद नेशनल हाईवे के इंजीनियर आयुष चौधरी मौके पर पहुंचे और सड़क का निरीक्षण किया।
इस दौरान सपा कार्यकर्ता और भाजपा कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। इस दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता श्रेय लेने की कोशिश में लग गए। इंजीनियर ने सड़क के किनारे गड्ढे खुदवा दिए जिससे सड़क का पानी निकालकर मरम्मत कार्य शुरू हो सके।
जलकर राख हुए चीनी के 800 बोरे
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर बाद उपजिलाधिकारी मवाना ऋषिराज, सीओ यूएन मिश्रा मौके पर पहुंचे। इस दौरान मोड खुर्द ग्राम प्रधान धर्मेंद्र फौजी ने सैफपुर फिरोजपुर गांव की जलनिकासी ना होने पर प्रधान को जिम्मेदार ठहराया। एसडीएम ने दोनो प्रधानों की समरूा को सुना। बताया कि ग्राम प्रधान धमेंद्र के हरियाली पंप के सामने खेत आ रहे है।
आरोप है कि प्रधान ने मिट्टी डालकर पानी रोक दिया है। तर्क है कि सैफपुर फिरोजपुर गांव का पानी गांव के ही तालाब में जाना चाहिए। जलनिकासी के स्थायी समाधान के लिए फिरोजपुर का भौतिक निरीक्षण किया। एनएचआई के इंजीनियर आयुष चौधरी का कहना है कि सड़क पर शुक्रवार को पत्थर डलवाकर दुरुस्त करवा दिया जाऐगा।
इंजीनियर के सामने ही गिरे दो बाइक सवार
एनएचआई के इंजीनियर आयुष चौधरी जेसीबी से सड़क के गड्ढों को भरवा रहे थे तभी र्बाक सवार मीरापुर निवासी दो युवक व महिला गिरकर घायल हो गए। बाद में उन्हें उनके वहां से किसी तरह भिजवाया गया।