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मेरठ में ‘तीन तलाक’ के दो मुकदमे दर्ज, लखनऊ से मांगी गई रिपोर्ट, अब होगा इंसाफ 

Sat, 03 Aug 2019 02:40 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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तीन तलाक मामला - फोटो : अमर उजाला
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तीन तलाक पर नया कानून बनते ही मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 के तहत मेरठ में शुक्रवार को दो मुकदमे दर्ज किए गये। एसएसपी अजय साहनी के निर्देश पर पहला मुकदमा लिसाड़ीगेट और दूसरा जानी थाने में दर्ज किया गया। एसएसपी ने बताया कि आगरा और मथुरा के बाद प्रदेश में तीसरा व चौथा मुकदमा मेरठ में दर्ज हुआ है। अब पुलिस मुकदमों की वादी नाजरीन और बुशरा को इंसाफ दिलाएगी।
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लिसाड़ीगेट के समर गार्डन निवासी नाजरीन पुत्री मौसम अली ने एसएसपी को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाया था कि उसकी शादी 12 अक्तूबर 2014 को सलमान निवासी जाकिर कालोनी थाना लिसाड़ीगेट के साथ हुई थी।

शादी में दस लाख रुपये खर्च किए थे। पति और ससुराल वाले एक लाख रुपये नगद और मांग रहे थे। विरोध करने पर मारपीट, गालीगलौज और शारीरिक उत्पीड़न किया गया। पुत्र और पुत्री पैदा होने पर भी दहेज की मांग करते रहे।
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पति हमेशा तलाक देकर दूसरी शादी करने की धमकी देता रहा। 24 जुलाई को ससुरालियों ने मायके पहुंचकर भी दहेज मांगा। ससुराल वाले उसे मायके से जबरन ले गए और पति व देवर ने गला घोंटकर मारने की कोशिश की।

29 जुलाई की रात पति सलमान ने सऊदी अरब से फोन पर नाजरीन को तीन बार तलाक बोल दिया। पीड़िता ने मामले की शिकायत परिवार परामर्श केंद्र (पीपीके) प्रभारी मोनिका जिंदल से की। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने जांच की।

एसपी सिटी एएन सिंह का कहना है कि शुक्रवार को पुलिस ने पति सलमान, ससुर मंजूर अहमद, देवर आहद, सास, ननद अरशी और ननदोई मुस्तकीम के खिलाफ लिसाड़ीगेट थाने में 498 ए, 323,504,307 दहेज प्रतिषेध अधिनियम और मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अध्यादेश 2018- 3/4 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली। 
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भरी पंचायत में दिया था तलाक
जानी क्षेत्र के कुराली गांव निवासी बुशरा पुत्री नसीरुद्दीन ने एसएसपी से शिकायत करते हुए कहा था कि उसका निकाह 2016 में मोहसीन पुत्र हाजी शेरदीन निवासी चमरावल थाना चांदीनगर बागपत के साथ हुआ था।

दो साल से पति और ससुराल वाले मारपीट कर रहे थे। बेटी होने पर उत्पीड़न और बढ़ गया। 19 जुलाई को मोहसीन उसे अपनी बहन के गांव बहरामपुर ले गया। लौटते समय रास्ते में तीन माह की बेटी को छीनकर गंगनहर में धक्का दे दिया। लोगों ने किसी तरह उसे बचाया।

इसके बाद चमरावल में हुई पंचायत में ही मोहसीन ने बुशरा को तलाक बोल दिया और घर से निकाल दिया। बच्ची को भी छीन लिया। 27 जुलाई को जानी थाने में शिकायत की थी। केस की जांच सीओ सरधना पंकज सिंह ने की। एसपी देहात अविनाश पांडेय ने बताया कि आरोपी मोहसीन के खिलाफ 498 ए, 323,504,307 मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों की सुरक्षा) अधिनियम 2019 के तहत केस दर्ज किया है। 

लखनऊ से मानीटरिंग
आईजी कानून व्यवस्था प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को मेरठ में दोनों मुकदमों के बारे में जानकारी मांगी। जिसके बाद आईजी ने एसएसपी को जांच कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जांच कर कार्रवाई होगी
तीन तलाक पर नया कानून बनने के बाद लिसाड़ीगेट और जानी थाने में केस दर्ज किए गये हैं। इनमें पुलिस विवेचना कर रही है। जांच कर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अजय साहनी, एसएसपी
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