आयशा को नहीं मिल सका इंसाफ
सरकार और सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक को लेकर गंभीर है। कानून भी बनाया गया, इसके बावजूद पीड़िता को इंसाफ नहीं मिला। इससे मेरठ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते हैं। सहारनपुर की अधिवक्ता फरहा फैज ने आला अधिकारियों तक मामले को पहुंचाने की बात कही है।
बर्बाद हो गई जिंदगी : आयशा
तीन तलाक पर कानून आया, जिससे मुझे इंसाफ की उम्मीद जगी थी। लेकिन मेरठ पुलिस की लापरवाही के चलते मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई। तीन तलाक का मुकदमा भी लिखवाया, इसके बावजूद पति की दूसरी शादी हो गई। सारे नियमों पर पुलिस ने पलीता लगा दिया।
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सेटिंग से तो नहीं हुआ निकाह
सरफराज दूसरा निकाह कर रहा है, इसकी जानकारी पुलिस को थी। आयशा लगातार थाने में गिड़गिड़ाती रही। गुरुवार सुबह पहुंची तो जवाब मिला कि रात में पुलिस ने मुठभेड़ में दो बदमाशों को गोली मारी है। इसलिए पुलिसकर्मी थके हुए हैं और सो रहे हैं। दोपहर को कहा कि टेंशन मत लो, तुम्हारे पति पर मुकदमा दर्ज है, वह दूसरा निकाह नहीं कर सकता।
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