- 2008 में मेरठ कॉलेज के तीन छात्रों की हत्या करने के बाद हिंडन नदी बागपत में फेंके थे शव - दस को हुई थी इस मामले में सजा, नौ लोग जेल में, महिला को मिली हुई है जमानत दिशांत त्रिवेदी मेरठ। कोतवाली थाना क्षेत्र के गुदड़ी बाजार में 22 मई 2008 की रात तीन दोस्तों सुनील ढाका, पुनीत गिरि, सुधीर उज्ज्वल की हत्या के मामले में मुख्य मुजरिम इजलाल और उसका भाई अफजाल को मेरठ जेल से शिफ्ट कर दिया गया है। इजलाल को बागपत और अफजाल को बिजनौर जेल में भेजा गया है। सुरक्षा का हवाला देते हुए दोनों को शिफ्ट किए गए है। इसके अलावा अन्य मामलों में दो आरोपी और दूसरी जेल में शिफ्ट किए गए है। कोई बड़ी वारदात न हो जाए, इसको लेकर दूसरी जेलों में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया। गुदडी बाजार में तीनों दोस्तों की हत्या करने के बाद इजलाल अपने साथियों के साथ बागपत हिंडन नदी के पास पहुुंचा था। जहां पर तीनों के शव के टुकड़ों को फेंका गया था। इजलाल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। तिहरे हत्याकांड में कोर्ट ने अगस्त 2024 को 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 6 कैदियों इजहार, देवेंद्र आहूजा, वसीम, अब्दुल रहमान उर्फ कलुवा, बदरुद्दीन और रिजवान को आगरा सेंट्रल जेल भेजा जा चुका है। इजलाल कुरैशी, उसके भाई अफजाल और महराज मेरठ जेल में हैं। शीबा सिरोही जमानत पर चल रही है। लगातार मेरठ जेल में इजलाल और उसके भाई अफजाल की शिकायत वरिष्ठ जेल अधीक्षक डा. वीरेश राज शर्मा के पास पहुंच रही थी। जेल अधीक्षक के अनुसार, गलत गतिविधियां होने के चलते इनको दूसरी जेलों में भेजने का निर्णय शासन स्तर पर लिया गया है। इजलाल को बागपत और अफजाल को बिजनौर जेल में शिफ्ट किया गया है। दोनों को यहां से शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, एक अन्य मामले में दो आरोपी नितिन पृथ्वी को मुजफ्फरनगर और रोहित को गाजियाबाद जेल में शिफ्ट किया गया है।
बागपत जिले में मिले थे क्षत-विक्षत शव मई 2008 की दोपहर बागपत जिले में बालैनी के पास हिंडन नदी के किनारे कार में तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान सुनील ढाका, पुनीत गिरि और सुधीर उज्ज्वल के रूप में हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि 22 मई की रात तीनों की कोतवाली थाना के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर हत्या की। शीबा नाम की युवती से इजलाल की दोस्ती थी। पुलिस के आरोप पत्र में सामने आया था कि शीबा को इजलाल से तीनों युवकों का मिलना पसंद नहीं था। उसने इजलाल को तीनों के खिलाफ उकसाया था। इसी को लेकर इजलाल ने तीनों को गुदड़ी बाजार बुलाया और मार डाला। यह मामला उस समय बड़ा सुुर्खियों में रहा था।