फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जैसा व्यवहार स्वयं चाहें, वैसा ही दूसरों से करे : स्वामी अनंतानंद

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

मेरठ। महिला शक्ति संस्थान की ओर से मंगल पांडे नगर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को भागवत महापुराण पर तात्विक ज्ञान साझा किया गया। कथा व्यास महामंडलेश्वर स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने कहा कि जैसा व्यवहार हमें स्वयं के लिए पसंद हो, वैसा ही दूसरों के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य को चार सामर्थ्य प्राप्त हैं। जीवन, कर्म, अर्थ और भोग।
विज्ञापन

स्वामी अनंतानंद ने बताया कि इन सामर्थ्यों के दो फल हो सकते हैं। अनुकूलता की प्राप्ति (स्वर्ग) या मोक्ष की प्राप्ति (अपवर्ग)। कथा व्यास ने कहा कि जीवन की सिद्धि कर्म नहीं, बल्कि तत्व की जिज्ञासा है। तत्व वह ज्ञान है, जिसमें कोई भेद नहीं होता। उन्होंने बताया कि भागवत पुराण में 12 स्कंध, 335 अध्याय और 18000 श्लोक हैं। इसमें भगवान के 24 अवतारों और 13 कथाएं समाहित हैं। उन्होंने कहा कि विपत्ति और संपत्ति दोनों में भगवान का स्मरण बना रहे। कार्यक्रम में व्यास पूजन भी हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें