रिक्वेस्ट स्वीकार होते ही मैसेंजर पर लड़कियां मैसेज के माध्यम से बातचीत करती हैं। इसके बाद अश्लील फोटो और मैसेज का आदान-प्रदान करते हैं और फिर वीडियो तैयार करा ली जाती है। जैसे ही मैसेंजर पर वीडियो बन जाती है, तभी ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू हो जाता है। यह खेल काफी दिनों से चल रहा है।
व्यापारी, पुलिसकर्मी और छात्र हुए शिकार
एक सप्ताह में 10 से ज्यादा मामले साइबर सेल में आए हैं। इनमें तीन व्यापारी, दो पुलिसकर्मी, तीन स्टूडेंट समेत 10 लोग हैं। अधिकांश लोग ब्लैकमेल होने के बाद भी पुलिस को जानकारी नहीं देते। इससे पहले पुलिस ने खुलासा किया था कि यह गैंग राजस्थान का है। ठगी के लिए लड़कियों का सहारा लिया जाता है। पुलिस इस गैंग के दो लोगों को पकड़ कर जेल भेज चुकी है, इसके बावजूद नेटवर्क नहीं टूटा है।
डरें नहीं, पुलिस को दें जानकारी
ऐसे मामले साइबर सेल में आ रहे हैं। इसमें सिर्फ सावधान रहने की जरूरत है। अगर कोई ठगों के जाल में फंस भी गया तो ब्लैकमेल होने के बजाए सीधे पुलिस को जानकारी दें। किसी भी अनजान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें। -प्रभाकर चौधरी, एसएसपी