मेरठ। कैंट बोर्ड द्वारा दिल्ली-रुड़की और मवाना रोड पर वाहन प्रवेश शुल्क लगाने के विरोध में मंगलवार को ट्रांसपोर्टर भी सड़क पर उतर आए। मेरठ ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने टीपीनगर में बैठक की। उसके बाद ट्रांसपोर्टर और अन्य पदाधिकारी दिल्ली रोड पर फैज-ए-आम कॉलेज के सामने पहुंचे और कैंट बोर्ड के ठेकेदार व कर्मचारियों से भिड़ गए। ट्रांसपोर्टरों ने हंगामा करते हुए कैंट बोर्ड द्वारा लगाए गए बैरियरों को उखाड़ फेंका।
एसोसिएशन की बैठक में अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि शहर से रोजाना करीब 4500 ट्रकों का आवागमन होता है। जबकि ट्रांसपोर्ट नगर से 14 हजार ट्रक जुड़े हुए हैं। कैंट बोर्ड ने प्रत्येक ट्रक से 100 रुपये और भारी वाहन से 350 रुपये का वाहन प्रवेश शुल्क लगाया है। यह सीधे सीधे वसूली का ठेका है। जबकि इन सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी कैंट बोर्ड की नहीं है। यदि कैंट बोर्ड ने यह वसूली बंद नहीं तो तो वह ट्रकों का चक्का जाम कर देंगे। इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि जब व्यापारी, भाजपा विधायक और ट्रांसपोर्टर डीएम से मिले तो डीएम ने कहा कि बैरियर हटाए जाएंगे। लेकिन उसके बावजूद भी छह बजे बैरियर नहीं हटाए।
नाराज ट्रांसपोर्टरों ने रात करीब आठ बजे मीटिंग के बाद बैरियर हटा दिए और जमकर हंगामा किया। लेकिन ट्रांसपोर्टरों के जाते ही कैंट बोर्ड के कर्मचारियों ने फिर से बैरियर लगाकर वसूली शुरू कर दी। जिसके बाद रात साढ़े दस बजे दोबारा से ट्रांसपोर्टर पहुंचे और दिल्ली रोड से बैरियर फेंक दिए। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि वैसे ही मंदी की मार झेल रहे हैं। ऊपर से कैंट बोर्ड ने यह वसूली शुरू कर दी है। अगर इससे शहर ही व्यवस्था बिगड़ती है तो खुद अफसर जिम्मेदार होंगे। इस मौके पर एसोसिएशन के महामंत्री दीपक गांधी, अशोक शर्मा, सरदार खेता सिंह, देवीचरन सैन, रोहित कपूर, अतुल शर्मा, अनीश चौधरी, नंद किशोर, सुरेंद्र शर्मा, अंकुर प्रजापति, शिवम विनायक, पंकज अनेजा, मंगल राठी आदि मौजूद रहे। देर रात ट्रांसपोर्टरों ने फिर से दिल्ली रोड पहुंचकर प्रवेश शुल्क वसूली को रुकवा दिया। आधी रात तक ट्रांसपोर्टर चक्का जाम की चेतावनी दे रहे थे।