- कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि और भारत मौसम विज्ञान विभाग की कार्यशाला का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एसवीपीयूएटी) में भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और कृषि महाविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग की ओर से मंगलवार से तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। यह प्रशिक्षण 23 से 25 जून तक ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (जीकेएमएस) के तहत एग्रोमेट एडवाइजरी सर्विसेज विषय पर किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य मौसम के पूर्वानुमान, डेटा विश्लेषण और फसल परामर्श के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों को समयबद्ध वैज्ञानिक सलाह उपलब्ध कराना है।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि कृषि मौसम आधारित परामर्श सेवाएं मौसम की अनिश्चितताओं से निपटने और जलवायु आधारित कृषि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती हैं। इस प्रशिक्षण से प्रतिभागियों की तकनीकी दक्षता बढ़ेगी। प्रभावी मौसम आधारित सलाह पहुंचाने में मदद मिलेगी। जीकेएमएस परियोजना के नोडल अधिकारी डॉ. यूपी शाही ने बताया कि प्रशिक्षण में छह राज्यों से आए 30 प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें तकनीकी अधिकारी, रिसर्च एसोसिएट और सीनियर रिसर्च फेलो शामिल हैं जो विभिन्न कृषि मौसम सेवा केंद्रों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को एग्रोमेट परामर्श बुलेटिन तैयार करने, निर्णय समर्थन प्रणाली (डीएसएस), आधुनिक एग्रोमेट उपकरणों के उपयोग, प्रभाव आधारित मौसम पूर्वानुमान, स्थान-विशिष्ट किसान परामर्श और परिचालन संबंधी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यह प्रशिक्षण कृषि मौसम सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच किसानों की आय और उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। विश्वविद्यालय और भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से प्रशिक्षण का संचालन कर रहे हैं।