फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फाइलों में ‘जाम’ है यातायात प्लान

विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। हर बार बैठक में शहरवासियों को जाम से छुटकारा दिलाने के लिए बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। लेकिन धरातल पर नहीं उतरते। हालात ये हो जाते हैं कि शहर में आधा किमी का सफर तय करने में घंटो गुजर जाता है। अब एक बार फिर 27 फरवरी को कमिश्नरी सभागार में होने वाली बैठक में अरबन मास ट्रांजिट कंपनी चौराहों को जाम से मुक्त करने का प्लान रखेगी। इस बैठक मेें कमिश्नर, आईजी, डीएम सहित जिले के सभी जिम्मेदार और वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे।
विज्ञापन

शहर के चौराहों पर ई-रिक्शा, ऑटो, डग्गामार बसों का कब्जा है। पुलिस-प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। शासन की सख्ती के बाद चौराहों को जाम मुक्त कराने के अतिक्रमण अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए। शहर के हापुड़ अड्डा, बेगमपुल, तेजगढ़ी चौराहों पर प्लान तैयार किए गए थे, लेकिन यह सब फाइलों में कैद होकर रह गया। कमिश्नर के निर्देश पर अर्बन मास ट्रांजिट कंपनी नौ चौराहों को जाम मुक्त करने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर रही है। जुलाई से चौराहों का सर्वे शुरू किया गया था। इसके लिए हापुड़ अड्डा, बेगमपुल, तेजगढ़ी, जेल चुंगी, बागपत रोड, बच्चा पार्क चौराहे को लिया गया है। अभी तक एक भी चौराहे पर कार्य शुरू नहीं किया गया।
इस सिस्टम में यह बनाए जाने हैं
फुट ओवरब्रिज, जेबरा लाइन तक डिवाइडर, ऑटो रिक्शा पार्किंग, जेबरा लाइन
चौराहों पर लगने वाले जाम का कारण
1. ऑटो और ई-रिक्शा के लिए पार्किंग न होना
2. बस के लिए बनाए गए स्टॉपेज पर बसों का न रुकना
3. चौराहों के चारों तरफ रेहड़ी-ठेले वालों का खड़े होना
4. चौराहों पर नियमानुसार बेरिकेडिंग का न लगाना
27 को होगा प्रेजेंटेशन
अरबन मास ट्रांजिट कंपनी के प्रतिनिधि सोमवार को मिलकर चौराहों का प्लान दे चुके हैं। इसके लिए प्रेजेंटेशन 27 फरवरी को होने वाली बैठक में होगा। - राजेश कुमार पांडेय, एमडीए उपाध्यक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें