सुप्रीम कोर्ट का निर्णय अवैध निर्माण को लेकर चेतावनी है। निर्णय के चलते मेरठ सहित सभी जगह आवासीय क्षेत्रों में हो रहे व्यावसायिक गतिविधियां पर खतरा मंडरा गया है। व्यापारियों के सामने राहत का कोई मजबूत कानूनी पहलू नहीं है। व्यापारी निर्णय को फुल कोर्ट के सामने पुनः सुनवाई के लिए प्रयास कर सकते हैं। सरकार से भी नियमों में परिवर्तन करने के लिए प्रत्यावेदन व्यापारियों द्वारा दिया जाना चाहिए। - गजेंद्र पाल सिंह, मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हैं। व्यापारियों को राहत के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद अधिनियम में बदलाव के लिए सरकार के समक्ष प्रत्यावेदन देना चाहिए। यदि ध्वस्तीकरण से बचना है तो सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू दायर करना चाहिए। - संजय शर्मा मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री
निर्णय के चलते भविष्य में अवैध निर्माणों और गतिविधियों विरुद्ध कानूनी राज स्थापित होगा। जो जन समुदायों के हित में होगा। निर्णय स्वागत योग्य है। ध्वस्तीकरण के चलते व्यापारियों को होने वाले नुकसान की भरपाई उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से होनी चाहिए। आदेश के चलते दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही होनी चाहिए। - महेंद्र पाल गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता