कानूनी पैनल तैयार करने की तैयारी
व्यापारियों ने आंदोलन के साथ कानूनी स्तर पर भी पक्ष मजबूत करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का कानूनी पैनल तैयार किया जाएगा, जो सुप्रीम कोर्ट में व्यापारियों का पक्ष मजबूती से रखने का प्रयास करेगा।
बैठक में छावनी रामलीला कमेटी के महामंत्री गणेश अग्रवाल ने सामूहिक रूप से लड़ाई लड़ने की बात कही। जागृति विहार के केपी सिंह ने कहा कि आवंटन के समय सेटबैक का कोई प्रावधान नहीं था, इस तथ्य को भी सामने रखना चाहिए। कंकरखेड़ा के मुकेश शर्मा ने तीन दिन या उससे अधिक समय तक बाजार बंद रखने का सुझाव दिया।
माधवपुरम के तरुण गोयल ने मौजूदा परिस्थितियों में आंदोलन को जरूरी बताया। कंकरखेड़ा के राजदीप गुप्ता ने कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विरोध दर्ज कराने पर जोर दिया।
उल्देपुर में ध्वस्तीकरण और जोन-ए के री-सर्वे की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मेरठ विकास प्राधिकरण ने उल्देपुर में ध्वस्तीकरण और जोन-ए में चिह्नित 16,726 भवनों के री-सर्वे की तैयारी शुरू कर दी है। जोन-ए के बाद जोन-बी, सी और डी का भी सर्वे कराया जाएगा।
री-सर्वे में 16,726 भवनों में करीब 80 प्रतिशत भवन प्राधिकरण की स्थापना से पहले के होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे भवनों को राहत मिलने की संभावना पर भी चर्चा है। न्यायिक आयोग के गठन के बाद इस पहलू पर भी मंथन हो सकता है।
सोमवार को आंदोलन करने वाले किसानों ने भी न्यायिक आयोग से मुलाकात कराने की मांग मेडा के उपाध्यक्ष संजय कुमार मीना से की है। किठौर विधानसभा क्षेत्र की सीमा के अंतिम गांव उल्देपुर में 100 से अधिक अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के आदेश 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे। इसके अलावा मेडा ने जोन-ए में चिह्नित भवनों को जब्त करने के आदेश दिए हैं।
वैधानिक समाधान निकालने की मांग
शहर सराफा बाजार व्यापार एसोसिएशन के महामंत्री नरेश माहेश्वरी ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अवैध निर्माणों का वैधानिक समाधान निकालने का सुझाव दिया है। उन्होंने कानूनी आधार पर संपत्तियों को बचाने के लिए आवश्यक संशोधन किए जाने और कंपाउंडिंग के प्रावधान पर विचार करने की बात कही है।