मेरठ। 30 अप्रैल तक सभी व्यापारी प्रतिष्ठानों के लाइसेंस शुल्क जमा कर दें। जो व्यापारी तय समय में शुल्क जमा नहीं करेंगे, उन पर नगर निगम की ओर से कार्रवाई की जाएगी। यह निर्देश नगर आयुक्त मनीष बंसल ने दिए हैं। नगर आयुक्त की सख्ती के बाद विभाग हरकत में आया है।
प्रभारी लाइसेंसिंग एवं सहायक नगर आयुक्त इंद्र विजय ने बताया कि प्राइवेट क्लीनिक, डेंटल क्लीनिक, नर्सिंग होम, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन, एमआरआई सेंटर, होटल एवं गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, विवाह मंडप, आइसक्रीम फैक्ट्री, डिपार्टमेंटल स्टोर, फाइनेंस कंपनी, इंश्योरेंस कंपनी, मॉडल शॉप, बार, आरा मशीन, लघु व कुटीर उद्योग आदि का लाइसेंस जरूरी है। अधिकतर प्रतिष्ठानों ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में लाइसेंस प्राप्त/नवीनीकरण नहीं कराया है, जोकि नगर निगम अधिनियम 1959 के अनुसार दंडनीय अपराध है। ब्यूरो