पर्यटन विभाग की टीम ने हस्तिनापुर पहुंच ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया।
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हस्तिनापुर । ऐतिहासिक नगरी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ते देख पर्यटन विभाग देखरेख के लिए आगे आता नजर आ रहा है। शुक्रवार को टीम ने महाभारत कालीन अवशेषों के जीर्णोद्धार, दर्जनों खंडहरों को संवारने के लिए निरीक्षण किया।
पर्यटन विभाग की टीम में असिसटेंट प्रोफेसर अर्जुन सिंह, सर्वेयर मनोज कुमार, संदीप कुमार, सेंकी, अनूप, सीटू आदि रहे। टीम ने ज्यादातर पर्यटक स्थलों का निरीक्षण किया। शाम के समय जयंती माता मंदिर में बैठक की। सर्वेयर मनोज कुमार ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं को चिन्हित करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। वह नक्शा बनाकर रिपोर्ट विभाग को सौंपेंगे। टीम ने नवलदे कूप, जयंती माता मंदिर, पांडेश्वर महादेव मंदिर, द्रौपदी घाट, द्रोणकूप, द्रौपदेश्वर महादेव मंदिर आदि का निरीक्षण किया। कहा कि प्राचीन स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक है। इसके लिए उन्हें विशेष सुविधाएं जैसे महिला श्रद्धालुओं के लिए चेंजिंग रूम, सार्वजनिक शौचालय, सभी स्थलों को जोड़ने वाली सीसी रोड, सांकेतिक चिन्ह, होर्डिंग, पत्थर की बेंच, प्रकाश व्यवस्था, बाउंड्री सहित प्राचीन स्थलों की रंगाई पुताई, मंदिरों में फुलवारी होनी चाहिए। इन सुविधाओं को लेकर बजट विभाग को भेजा जाएगा। भीड़ वाली जगहों पर यात्री शेड, आरओ वाटर, जयंती माता मंदिर की बारिश में मिट्टी बहने की वजह से स्टोन पेर्चिंग आदि का निर्माण कराया जाएगा। अखिल विद्या समिति परीक्षितगढ़ के विष्णु अवतार रोहेला ने बताया कि पर्यटन स्थल को विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। अखिल भारतीय विद्या समिति 25 वर्षों से पर्यटन स्थलों के कार्य कर रही है। जयंती माता शक्तिपीठ के संस्थापक अध्यक्ष पप्पू गुर्जर ने बताया कि ऐतिहासिक नगरी के विकास को हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बारे में मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया गया है।