बैठक में कांवड़ यात्रा मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा, यातायात नियंत्रण, सफाई, पेयजल, विद्युत और आपात सेवा से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने कहा कि 'कांवड़ यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई न बरती जाए। हर विभाग अपनी जिम्मेदारी समय से निभाएं।'
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कांवड़ मार्ग पर ड्रोन निगरानी, रूट डायवर्जन और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। जल्द ही डीएम और एसएसपी यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर एक्शन प्लान प्रस्तुत करेंगे।
राजीव कृष्ण, डीजीपी ने कहा-
कोई समूह किसी दुकान या ढाबे पर चेक नहीं करेगा, उसके लिए फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट को निर्देशित किया गया है। राज्यों के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है अलग-अलग स्थान पर अगर भीड़ बढ़ती है तो उसको लेकर अधिकारियों को अपडेट किया जाएगा। 75 डेसीबल से ज्यादा डीजे साउंड की तीव्रता नहीं होगी। कांवड़10 फीट ऊंची और 12 फुट से ज्यादा चौड़ी नहीं होनी चाहिए।
रुड़की से मुजफ्फरनगर के बीच में कावड़ और डीजे असेंबल होते हैं। वहां के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है, अगर कांवरिया डीजे ऊंचा है तो कावड़ को पहले ही स्थान पर रोका जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।