द्रौपदी घाट मंदिर पर पूजा के लिए पहुंची महंत बेगवती स्रोत मन्दिर
हस्तिनापुर। वैशाख माह की सप्तमी को ऐतिहासिक नगरी के प्राचीन द्रोपदी घाट मंदिर पर आयोजित होने वाले सत्ता फेरी मेले में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
ऐतिहासिक नगरी के द्रोपदी घाट पर रविवार को सत्ता फेरी मेले का आयोजन होगा। मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से महिला श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं। इनके आने का सिलसिला शुक्रवार शाम से शुरू हो गया। जिन्होंने देर रात तक पहुंच कर ऐतिहासिक नगरी के प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर, प्राचीन जयंती माता मंदिर और अष्टापद मंदिर के समीप अपने डेरे डाल लिए हैं। द्रोपदी घाट मंदिर की महंत बेगवती ने बताया कि यहां महाभारत कालीन प्राचीन स्रोत मौजूद हैं, जिसमें माता द्रोपदी स्नान कर भगवान शिव की आराधना करती थी। महाभारत काल से ही यहां पर स्नान करने की परंपरा चली आ रही है।
वैशाख माह की सप्तमी के अवसर पर यहां स्नान करने की विशेष मानता है। उन्होंने बताया कि इस स्नान का जिक्र पुराणों में भी है। यहां स्नान करने से शरीर के सभी कुष्ठ रोग दूर हो जाते हैं और परिवार में खुशहाली आती है और श्रद्धालुओं की मनोकामना भी पूर्ण होती है। इसके चलते यहां देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर में पर्याप्त व्यवस्था की गई है। रविवार सुबह 4:00 बजे से यहां स्नान करने का सिलसिला शुरू होगा। उन्होंने बताया कि दूरदराज से श्रद्धालु यहां पर पहुंच चुके हैं।
मध्य गंग नहर के रास्ते जाना होगा
महंत बेगवती ने बताया कि कर्ण घाट से द्रोपदी घाट पर जाने वाले मुख्य मार्ग पर इस समय निर्माण कार्य चल रहा है। इससे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए मध्य गंग नहर के रास्ते द्रोपदेश्वर महादेव मंदिर की ओर से द्रोपदी घाट श्रद्धालु आसानी से पहुंच सकेंगे। यहां सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। यह रास्ता श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह तैयार है।