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ऐसे नेता का हो साथ, जो जनता से करे बात

Sun, 07 Apr 2019 01:32 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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अपराजिता - फोटो : अमर उजाला
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 लोक तंत्र के महापर्व में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाने के लिए तैयार शहर की महिलाओं के पास तमाम मुद्दे हैं। सिर्फ महिला अपराध पर लगाम, शिक्षा या महिला स्वास्थ्य पर ही आधी आबादी बात नहीं करती। शहर की महिलाएं ऐतिहासिक महत्व के शहर मेरठ को एनसीआर के विकसित शहर के रूप में देखना चाहती हैं। उन्हें सेटेलाइट बस अड्डा, एयरपोर्ट, अच्छी ट्रेनें, हाईकोर्ट बेंच, एम्स की सुविधाएं चाहिए। आईआईटी और लॉ के अच्छे कॉलेज व केंद्रीय विवि चाहिए। वहीं वो चाहती हैं कि शहर के युवा नौकरी व पढ़ाई के  लिए मेरठ से बाहर न जाएं, बल्कि शहर में रहकर उन्हें नौकरी मिले। कैराना घराने, अजराड़ा घराने की विरासत को संवार रहे मेरठ में ऐसा प्रेक्षागृह बने जहां कलाकारों को अभ्यास का मौका मिले। कलाकारों को अपने चित्रों की प्रदर्शनी लगाने के लिए कलावीथिकाएं मिलें ताकि मेरठ इतिहास, धर्म के साथ संस्कृति, ज्ञान और साहित्य पटल पर भी उज्ज्वल हो। अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शनिवार को चुनावी संवाद का आयोजन अमर उजाला कार्यालय में हुआ। अंत में सभी ने मतदान व अपराजिता की शपथ ली।
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बातचीत--
शिक्षित हो नेता
नेता का शिक्षित होना जरूरी है। एक शिक्षित मतदाता ही शिक्षित नेता का चुनाव कर सकता है। नेता बातें करने वाला नहीं बल्कि काम करने वाला हो। -सविता चड्डा, प्रिंसिपल दिल्ली पब्लिक स्कूल

ऐतिहासिक धरती पर विकास शून्य
मेरठ 1857 की क्रांति का शहर है। इतिहास की सबसे बड़ी घटना का गवाह होने के बाद भी मेरठ का विकास नहीं हुआ। बेंच का मुद्दा जस का तस है। न्याय के लिए लोगों को भटकना पड़ रहा है। -ऋतु प्रताप
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सुविधाएं नहीं मिलती
विदेशों में नागरिक आयकर भरते हैं तो उन्हें उसके अनुसार सुविधाएं भी मिलती हैं। भारत दुनिया में आयकर भरने वाले देशों में शीर्ष पर है लेकिन यहां पूरी सुविधाएं नहीं मिलती। -डॉ. शैल शर्मा, शिक्षिका गार्गी गर्ल्स स्कूल

महिला सुरक्षा पर चुप्पी क्यों
नेता महिला सुरक्षा के मुद्दे पर चुप क्यों रहते हैं। हाल में जो किठौर प्रकरण हुआ उस मसले में कोई नेता सामने नहीं आया। स्कूलों के बाहर की सड़कें टूटी हैं, लेकिन किसी का ध्यान नहीं है। -डॉ. वाग्मिता, वाइस प्रिंसिपल गार्गी गर्ल्स स्कूल

नेताओं के लिए तय हो योग्यता
 युवाओं को नौकरी के लिए योग्यता तय है। डिप्लोमा, डिग्री, रिसर्च मांगी जाती है, लेकिन नेता बनना ऐसा काम है जिसके लिए हमारे देश में कोई योग्यता निर्धारित नहीं। -डॉ. ऋचा सिंह, सचिव अरुणोदय सोसाइटी

कब सुधरेगी स्थिति
मेरठ एनसीआर के शहरों में है, यह सिर्फ नाम से लगता है। शहर के मार्ग खराब हैं, चौराहों पर कोई व्यवस्था नहीं। ये मुद्दे आखिर कब हल होंगे। शहीद स्मारक की स्थिति खराब है। -अनुभूति चौहान, अध्यक्ष अरुणोदय सोसाइटी

असमानता खत्म हो
शिक्षा ग्रामीण क्षेत्रों तक क्यों नहीं पहुंच पाती। आज भी देहात के इलाकों में महिलाएं, बच्चे अशिक्षित हैं। स्कूल नहीं है, जहां स्कूल हैं वहां शिक्षक नहीं, शिक्षक हैं तो किताबें नहीं। नेता इस पर ध्यान दें। -अनीता राणा

जनता से मिले नेता
नेता हर रोज किसी से मिलने में सक्षम न हों, लेकिन महीने में एक बार तो जनता से मिलें। जैसे नेता वोट मांगने बीच जाते हैं ऐसे ही परेशानी सुनने भी जनता के बीच जाएं। -ममता सिंह, प्रवक्ता इस्माईल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज

हर वर्ग को मिले शिक्षा
आज भी मलिन बस्तियों और झुग्गी झोपड़ियों में लोगों को शिक्षा नहीं मिल पाती। शिक्षा का स्तर सुधारना जरूरी है। इसलिए ऐसा नेता हमें चुनना चाहिए जो इस पर हर हाल में ध्यान दें। -ममता दीक्षित, समाजसेविका  

महिलाओं को भी मिले टिकट
नेता महिलाओं को केवल रैलियों में भीड़ बढ़ाने के लिए प्रयोग करते हैं, जबकि महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व का मौका मिले। तभी समाज का विकास हो सकेगा। -डॉ. आशा आनंद, सेवानिवृत्त प्रवक्ता इस्माईल डिग्री कॉलेज

युवाओं को दें रोजगार
युवा जब डिग्री लेकर बाहर निकलते हैं तो उन्हें लगता है कि अच्छी नौकरी मिलेगी, लेकिन बाहर भी आसानी से नौकरी नहीं मिलती। इस पर काम होना चाहिए। -डॉ. कविता गर्ग, प्रवक्ता इस्माईल नेशनल महिला डिग्री कॉलेज

जनता के लिए करे काम
नेता ऐसा हो जो जनता के लिए काम करे। हर समय जनता की परेशानी का समाधान कराए। जब नेता जनता से चुने जाते हैं तो उन्हें जनता के लिए काम करना चाहिए। तभी समाज का विकास होगा। -नीलम मिश्रा

कमियाें का आंकलन करें
नेताओं को स्वयं अपनी कमियों का आंकलन भी करना चाहिए। नेता यह समझे कि जनता ने उन्हें चुना है तो वो लोगों के बीच जाएं। जनता की परेशानी दूर करें। डॉ. मंजू गुप्ता, प्रोफेसर शिक्षा विभाग मेरठ कॉलेज

भ्रष्टाचार खत्म होना जरूरी
बिजली, शिक्षा, चिकित्सा, न्याय से लेकर निर्माण निगम ऐसा क्षेत्र हैं जहां पैसे देकर ही काम होता है। भ्र्रष्टाचार दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। नेता इसे दूर करें। -वीना अरोड़ा, सेवानिवृत्त शिक्षिका आर्मी स्कूल

ट्रेन सुविधाएं बढ़ाएं
मेरठ से दिल्ली के लिए केवल सुबह ट्रेन है, लखनऊ जाने के लिए नौचंदी ट्रेन आए दिन बंद रहती है। तमाम शहरों से मेरठ की कनेक्टिविटी सही नहीं है। नेता इस पर काम करें। -कल्पना पांडे, अध्यक्ष सारथी संस्था

जाम, अतिक्रमण से मिले निजात
जाम, अतिक्रमण खराब ट्रैफिक व्यवस्था शहर की सबसे बड़ी समस्या है। स्कूली बच्चे ही नहीं, एंबुलेंस भी जाम में फंस जाती है। जाम के कारण ही स्मार्ट सिटी नहीं बन सका। -कंचन बाला, योग विज्ञान संस्थान

सरकारी योजनाओं का प्रचार हो
सरकार ने गरीबों के लाभ के लिए तमाम सरकारी योजनाएं संचालित की हैं लेकिन सही व्यक्ति को उनका लाभ नहीं मिल पाता। नेता योजनाओं का प्रचार प्रसार तो करें। -सीमा अदलखा, योग संस्कृति क्लब

जनसंख्या कानून जरूरी
देश को जनसंख्या कानून की सख्त जरूरत है। विदेशों की तरह हम विकास चाहते हैं तो जनसंख्या नियंत्रण पहली आवश्यकता है। सरकार को इस पर काम करना होगा। -डॉ. नीरा तोमर, प्रिंसिपल मल्हू सिंह कन्या इंटर कॉलेज

महिलाओं को मिले प्राथमिकता
ग्रामीण क्षेत्र की अशिक्षित महिलाएं भी बहुत मेधावी और गुणी होती हैं लेकिन उनको आगे बढ़ाने, सशक्त करने पर कोई नेता क्यों नहीं सोचते। इस पर ध्यान देने की जरूरत है। -अतुल शर्मा, अध्यक्ष संकल्प संस्था

मेरठ में ही मिले रोजगार
शिक्षा हो या रोजगार युवा मेरठ में ठहरना नहीं चाहते। इसकी वजह कि यहां अच्छी शिक्षा और नौकरी दोनों नहीं मिलती। मेरठ में ही रोजगार व अच्छी शिक्षा मिले तो युवा बाहर नहीं जाएंगे। -शिखा, संजीवनी महिला संस्थान

खुद जांचें मिड-डे मील
सरकार ने ग्रामीण बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए मिड-डे मील शुरू किया, लेकिन कभी जांच नहीं होती। इसलिए योजना में घोटाले हो रहे हैं। नेता स्कूलों में जाकर निरीक्षण करें।
-गरिमा जैन, संजीवनी महिला संस्थान

संपर्क मार्ग भी टूटा
कॉलेज को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग ही टूटा हुआ है। बरसात के दिनों में बहुत ज्यादा परेशानी होती है। नेताओं को इस पर ध्यान देना होगा। -डॉ. रेखा तिवारी, प्रिंसिपल राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज खरखौदा

आपराधिक छवि न हो
नेता ऐसा हो जिसकी छवि साफ सुथरी हो। नेता ही अपराधी होगा तो जनता की सुरक्षा कौन करेगा। नेता जो वादा करे उसे पूरा भी करे, बयान नहीं समाधान दे। -डॉ. मनु भारद्वाज, प्रिंसिपल खालसा कन्या इंटर कॉलेज थापरनगर

सर्वसामान्य की बात करे
नेता ऐसा हो जो जनता को धर्म, राजनीति या वर्गों में न बांटे। बल्कि पूरी जनता के लिए समान रूप से काम करे। शहर में गंदगी और कचरा एक बड़ी समस्या है इसे हल कराए। -डॉ. सुनीता सैनी, समाजसेविका

अपराध पर लगाए रोक
मेरठ का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अपराध के तले दबकर रह गया है। नेता जो भी हो कम से कम शहर में बढ़ रहे अपराध पर रोक लगाए। अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए। -डॉ. भावना ग्रोवर, प्रवक्ता सुभारती विवि  

खेल, उद्योग को दे बढ़ावा
मेरठ खिलाड़ियों और खेल उद्योग दोनों का हब है, लेकिन दोनों को ही सुविधाएं नहीं मिली। नेता को विकास कार्य कराना चाहिए, ताकि विदेशी कंपनियां यहां आ सकें। -डॉ. अनीता गोस्वामी, असिस्टेंट प्रवक्ता शहीद मंगल पांडे डिग्री कॉलेज
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