मेरठ। जमीयत उलमा ए हिंद महामंत्री एवं पूर्व सांसद मौलाना सैयद महमूद असद मदनी बृहस्पतिवार को मेरठ पहुंचे। दिल्ली रोड फैज ए आम इंटर कॉलेज में पूर्व विधायक गुलाम मोहम्मद के आवास पर कहा कि सरकार को चीन की हरकतों का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। वहीं, नेपाल को लेकर रवैया नरम रखना चाहिए। उन्होंने जमीयत द्वारा लॉकडाउन के दौरान किए गए कार्यों के बारे में भी जानकारी दी।
इस्लामिक रॉयल इस्लामिक स्ट्रैजिक स्टडीज सेंट्रल अरदन ने विश्व में 500 मुस्लिम रहनुमाओं की सूची जारी की है। जिसमें टॉप 50 में मौलाना महमूद मदनी को 28वां स्थान मिला है। खास बात है इस सूची में शामिल होने वाले वह अकेले भारतीय हैं। हालांकि विश्व विख्यात पाकिस्तान के मुफ़्ती तकी उस्मानी को सूची में पहला स्थान मिला है। इस खास मौके पर जमीयत उलमा ए हिंद की शहर इकाई ने बृहस्पतिवार को मेरठ में स्वागत समारोह का आयोजन किया। फूलों की मालाओं से स्वागत के बाद वक्ताओं ने उनके साथ विचार साझा किए। मौलाना महमूद मदनी ने कहा भारत का मुसलमान हर हाल में देश के साथ है। देश के मौजूदा हालात को लेकर लोगों को चिंता नहीं करने की अपील की। उन्होंने चीन की हरकतों को लेकर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उसे मुंहतोड़ जवाब देने का समय आ गया है। चीन के सामान पर पूर्ण प्रतिबंध लगना चाहिए। बताया जमीयत उलमा ए हिंद ने कोरोना काल में साढ़े सैंतालीस करोड़ का राशन देश के विभिन्न क्षेत्रों में वितरित किया है। जिसमें अकेले महाराष्ट्र में 15 करोड़ रुपये खर्च किए गए। उन्होंने युवाओं को अच्छी शिक्षा और दीनी तालीम देने पर जोर दिया। वहीं, कोरोना काल में सुरक्षित रहने की अपील की। इस दौरान नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन, पूर्व विधायक हाजी गुलाम मोहम्मद, हाजी इमरान सिद्दीकी, कारी सलमान कासमी, हाजी हनीफ कुरैशी, हाजी शीराज रहमान, मोहम्मद शारिक, अरशद मक्की समेत अन्य लोग मौजूद रहे।