एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव का मुरादाबाद में एसपी सिटी के पद पर ट्रांसफर होने के बाद वहीं पर एसपी देहात बनाये जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को जिस तरह से एसपी सिटी ओमप्रकाश अचानक छुट्टी चले गये उसे दिनभर कयास लगाये जाते रहे कि वह लखनऊ में जा पहुंचे हैं। एसपी सिटी ओमप्रकाश यदि लखनऊ गये हैं तो एक बार फिर वह सत्ता के रसूख का प्रभाव छोड़ सकते हैं।
2012 में प्रदेश में सपा की सरकार बनते ही ओमप्रकाश ने अप्रैल 2012 में मेरठ में एसपी सिटी का चार्ज संभाल लिया था। दो साल पहले उनका ट्रांसफर मेरठ में एसपी देहात के पद पर किया, लेकिन चार्ज नहीं छोड़ा और ट्रांसफर रुकवा लिया। एक साल पहले उन्हें एसपी ट्रैफिक आगरा बनाया गया, पर वहां भी वह नहीं गए। साढ़े चार साल से वह मेरठ में जमे हुए हैं। पांच दिन पहले उन्हें एसपी सिटी मुरादाबाद बनाया तो उन्होंने गौतमबुद्घनगर के एसपी सिटी दिनेश यादव के आने पर चार्ज छोड़ने की बात कही थी। शुक्रवार शाम को उन्हें मुरादाबाद में एसपी देहात बना दिया। जबकि आगरा के एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी को मेरठ में एसपी सिटी बनाया गया। वह मेरठ में सीओ भी रह चुके हैं। शनिवार को एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने पुलिस लाइन में कपिल गैंग को लेकर प्रेसवार्ता की। इसमें एसपी सिटी नहीं पहुंचे। पुलिस अफसरों ने कहा कि वह छुट्टी पर हैं। उसके बाद चर्चाएं चलती रहीं कि वह लखनऊ पहुंच गए हैं। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी।
अधूरा हुआ शहर का सुरक्षा प्लान
एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव का ट्रांसफर होने के बाद शहर के कई थानेदार और सीओ भी असमंजस में हैं। खुद पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि एसपी सिटी ओपी यादव शहर को बखूबी जान चुके हैं। हर छोटे बड़े त्योहार पर संवेदनशील क्षेत्रों पर वह पीएसी और आरएफ के साथ कई दिनों पहले से फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते थे। दिवाली आने में एक सप्ताह का समय बचा है और शहर की सुरक्षा का पूरा प्लान कमजोर पड़ गया है। चौकी इंचार्ज से लेकर थाना प्रभारी भी आधी रात से पहले ही गायब नजर आ रहे हैं। वहीं नये एसपी सिटी के आने से पहले या आने पर वह चार्ज छोड़ेंगे या नहीं इस पर भी असमंजस बना हुआ है। क्योंकि दो बार उनकी जगह शहर में आये एसपी सिटी को निराशा ही हाथ लगी।